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मणिपुर चुनाव 2017: सीएम को उनके ही घर में ही चुनौती दे रही हैंं इरोम शर्मिला, जानें और खास बातें  

Tue, 07 Mar 2017 09:39 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मणिपुर में 4 मार्च और 8 मार्च को दो चरणों में 60 सीटों पर चुनाव होने हैं। आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर्स एक्ट (अफस्पा) हटाने के लिए 16 साल तक भूख हड़ताल करने वाली इरोम शर्मिला की पार्टी पीपल्स रिसर्जेंस जस्टिस एलायंस (प्रजा) पहली बार चुनाव मैदान में हैं। शर्मिला थोउबल से चुनाव लड़ रही हैं जो उनके प्रतिद्वंद्वी मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह का गृह नगर है। इबोबी सिंह बीते तीन विधानसभा चुनाव में थोउबल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में पूरे देश की नजर इस मुकाबले पर है। 
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इरोम शर्मिला के बारे में अहम बातें 

1. इरोम ने 5 नवंबर 2000 को प्रण लिया था कि जब तक सरकार मणिपुर से अफस्पा नहीं हटाती तब तक वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर रहेंगी

2. इरोम शर्मिला ने 9 अगस्त 2016 को शहद खाकर 16 साल बाद अनशन तोड़ा 

3. अनशन के 16 साल के दौरान इरोम एक बार भी न तो अपने घर गईं और न ही अपनी 84 वर्षीय मां से मिलीं

4. इरोम को 16 साल तक चले उनके अनशन के कारण दुनिया भर में लोग ऑयरन लेडी के नाम से भी जानतें हैं

5. भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद इरोम ने स्पष्ट किया जब तक अफस्पा समाप्त नहीं हो जाता, वह अपने घर नहीं जाएंगी। वह इन दिनों आश्रम में रह रही हैं 

6. इरोम ने 1998 में योग सीखा था, जो अब तक उनकी दिनचर्या में शामिल है

7. नब्बे के दशक में इरोम प्राकृतिक चिकित्सा से बहुत प्रभावित हुईं, जिसके बाद उन्होंने इससे संबंधित कोर्स भी किया

8. इरोम का मानना है कि योग फुटबॉल या किसी अन्य खेल से ज्यादा बेहतर है। योग की मदद से आप 100 साल तक जी सकते हैं

9. 2 नवंबर 2000 को मणिपुर में सैनिकों के हाथ 10 बेगुनाह लोगों मारे गए थे, जिसके बाद इरोम ने अफस्पा को लेकर विरोध शुरू किया था

10. इरोम के जीवन पर दीप्ति प्रिया महरोत्रा ने 'बर्निंग ब्राइट- इरोम शर्मिला' नाम की किताब भी लिखी है
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