मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने घुसपैठियों को प्रवेश से रोकने के लिए मणिपुर में इनर लाइन परमिट (आईएलपी) की शुरुआत की है। म्यांमार के साथ सीमा पर बाड़ लगाने की केंद्र की पहल के परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में शांति बहाल करने और अपनी वर्तमान और भावी पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। इंफाल पश्चिम जिले के सेकमाई में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने घुसपैठियों को प्रवेश से रोकने के लिए मणिपुर में इनर लाइन परमिट (आईएलपी) की शुरुआत की है। म्यांमार के साथ सीमा पर बाड़ लगाने की केंद्र की पहल के परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं।
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उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य राज्य में तमाम समस्याओं के बीच शिक्षा और व्यावसायिक गतिविधियों को जारी रखने और विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाना है। हम एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। पहाड़ियों और घाटी दोनों में कई लोगों की जान चली गई है, जबकि कई लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं। फिर भी सरकार शांति बहाली के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, सरकार का उद्देश्य सभी पुराने निवासियों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करना है और साथ ही केंद्र की सहायता से उन्हें घुसपैठियों से बचाना है।
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बीरेन सिंह ने कहा, राहत शिविरों में रह रहे विस्थापितों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संकट का दौर हमें रात को सोने नहीं दे रहा है। हम वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर राज्य के लोग हमें आईएलपी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त नहीं करते हैं, तो भगवान इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा।