सार
मणिपुर भाजपा में संकट छाने की अटकलों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मंत्री इंदौर गए हुए हैं, उसके लिए उन्होंने मुझसे छुट्टी ली है। तीन विधायकों का दिल्ली में इलाज चल रहा है। बस इतना है। पार्टी में कोई संकट नहीं है, बाकी विधायकों ने बैठकों में भाग लिया है।
मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
मणिपुर भाजपा में खटपट होने की अटकलों को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा में कोई संकट नहीं है। तीन विधायकों के प्रशासनिक पदों से हुए इस्तीफे के कारण मणिपुर में बैठक बुलाई गई थी। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी में सब कुछ सही है।
मणिपुर भाजपा में संकट छाने की अटकलों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मंत्री इंदौर गए हुए हैं, उसके लिए उन्होंने मुझसे छुट्टी ली है। तीन विधायकों का दिल्ली में इलाज चल रहा है। बस इतना है। पार्टी में कोई संकट नहीं है, बाकी विधायकों ने बैठकों में भाग लिया है।
इन विधायकों ने दिया इस्तीफा
भाजपा के विधायक पाओनम ब्रोजेन ने गुरुवार को प्रशासनिक पद से इस्तीफा दे दिया था। ब्रोजेन इस्तीफा देने वाली तीसरी विधायक हैं। उन्होंने पद छोड़ने के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। ब्रोजेन मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी की अध्यक्ष थीं। इसके पहले सोमवार को भाजपा विधायक करम श्याम ने पर्यटन निगम मणिपुर लिमिटेड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, पद छोड़ते हुए उन्होंने शिकायत की, उनका कहना है कि उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। वहीं, मुख्यमंत्री के सलाहकार रहे विधायक थोकचोम राधेश्याम ने भी शिकायत करते हुए 8 अप्रैल को पद से इस्तीफा दे दिया था।
बैठक सिर्फ एक संयोग है
पार्टी सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को भाजपा नेताओं की बैठक थी। भाजपा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए निर्वाचित विधायकों और पार्टी सदस्यों की बैठक बुलाई गई थी। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों की अटकलें और शुक्रवार को हुई बैठक के बीच कोई संबंध नहीं है। यह महज एक संयोग है।
जानिए, क्या है अटकलें
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में साल 2022 में विधानसभा चुनाव हुए थे। चुनावों में भाजपा ने बहुमत हासिल किया है। 60 विधानसभा सीटों वाले मणिपुर में भाजपा ने 37 सीटों पर कब्जा हासिल किया। वहीं कांग्रेस को राज्य में मात्र पांच सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। अटकलें हैं कि मणिपुर भाजपा के चार विधायक दिल्ली में हैं। वह पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर अपनी शिकायत बताना चाहते हैं। बता दें, इन चारों विधायकों में से तीन विधायकों ने अपने प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है।
37 उग्रवादियों ने सरकार के सामने डाले हथियार
मणिपुर के गृह विभाग ने बताया कि 37 उग्रवादियों ने सरकार के सामने सरेंडर किया है। इनमें से 36 उग्रवादी चिन कुकी लिबरेशन आर्मी के हैं। एक उग्रवादी प्रेपैक (प्रो) से जुड़ा हुआ था। इसपर मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि 37 उग्रवादियों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में अपना विश्वास दिखाया और सरेंडर किया। मुझे विश्वास है कि हम मणिपुर में शांति और प्रगति को मजबूत करेंगे। मंत्रालय के अनुसार, चार एके सीरीज राइफल्स, एक .22 राइफल, एक 303 राइफल, एक सिंगल बैरल, एक कार्बाइन, चार पिस्टल, दो ग्रेनेड और 540 मिश्रित गोला-बारूद 37 उग्रवादियों ने सौंपे हैं।