मृतक जवान श्याम गुरंग और रणजीत सिंह कश्यप
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दो जवान बलिदान, पांच घायल; एक की हालत नाजुक
मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'हमलावरों ने अचानक गोलीबारी की, जिसमें एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दो जवान, जिनमें एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) और एक जवान शामिल हैं, मौके पर ही बलिदान हो गए। जबकि पांच जवान गंभीर रूप से घायल हैं।' घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत इलाज के लिए भेजा गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उनमें से एक की स्थिति नाजुक है।
'सफेद वैन में सवार होकर भाग निकले आंतकी'
मामले में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि व्यस्त सड़क पर जवानों के वाहन पर हमला करने के बाद हमलावर एक सफेद वैन में सवार होकर भाग निकले। जवानों ने संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की ताकि कोई नागरिक हताहत न हो। सुरक्षा बल ने हमले के पीछे छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस घटना को लेकर गुवाहाटी के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि शाम लगभग 5:50 बजे, 33 असम राइफल्स के जवानों की एक वाहन-आधारित टुकड़ी अपने पटसोई कंपनी ऑपरेटिंग बेस से नाम्बोल कंपनी ऑपरेटिंग बेस की ओर बढ़ रही थी। मणिपुर के विमुक्त क्षेत्र, नाम्बोल सबल लेईकाई में, हाईवे पर अज्ञात आतंकवादियों ने इस टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया। इस कार्रवाई में, असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए और पांच घायल हो गए, जिन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। अभी तक, किसी भी समूह ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। घटना में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है।
हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
मणिपुर पिछले कुछ समय से हिंसा और तनाव की चपेट में है। ऐसे में इस ताजा हमले ने राज्य में शांति बहाली के प्रयासों को चुनौती दी है। अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे किन संगठनों का हाथ है, इसकी जांच की जा रही है। असम राइफल्स पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात सबसे अहम अर्धसैनिक बल है। जवानों पर इस तरह का हमला सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार बातचीत की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और हमलावरों को पकड़ने के लिए संयुक्त अभियान की योजना बनाई जा रही है।
पूर्व सीएम एन. बीरेन सिंह ने जताया दुख
वहीं इस घटना पर भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'नाम्बोल सबल लेईकाई में हमारे बहादुर 33 असम राइफल्स के जवानों पर हुए हमले की खबर सुनकर मैं बहुत दुखी हूं। दो जवानों की जान जाना और कई अन्य का घायल होना हम सभी के लिए एक गहरा आघात है। शहीदों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। उनका साहस और बलिदान हमेशा हमारे दिलों में रहेगा। इस जघन्य अपराध के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।'
अस्पताल में घायलों से मिले बीरेन सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता एन बीरेन सिंह ने इंफाल के रिम्स का दौरा किया, जहां असम राइफल्स के पांच जवानों का इलाज किया जा रहा है।
सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया गया- एडीजीपी
वहीं इस घटना पर इंफाल के एडीजीपी आशुतोष कुमार सिन्हा ने कहा, 'सभी सुरक्षा बल शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं, इसके बावजूद सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया गया।'
राज्यपाल ने की हमले की निंदा
इसी बीच, मणिपुर के राज्यपाल ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बलिदान जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और कहा कि राष्ट्र की रक्षा में उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। राज्यपाल ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे घृणित आतंकी कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।