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Manipur Attack: असम राइफल्स के काफिले पर मणिपुर में हमला, दो जवान बलिदान; घात लगाकर किए गए हमले में पांच घायल

Fri, 19 Sep 2025 08:50 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

Assam Rifles Personnel Attacked In Manipur: मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई है। शुक्रवार को राज्य के बिष्णुपुर जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने असम राइफल्स के काफिले पर हमला कर दिया। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान बलिदान हो गए, जबकि पांच घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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असम राइफल्स के दल पर मणिपुर में घात लगाकर हमला - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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मणिपुर में शुक्रवार शाम उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में दो जवानों बलिदान हो गए, जबकि कम से कम पांच अन्य जवान घायल हुए हैं। इस हमले ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला शाम करीब 6 बजे बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में हुआ। असम राइफल्स के जवानों का वाहन इंफाल से बिष्णुपुर की ओर जा रहा था। तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
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मृतक जवान श्याम गुरंग और रणजीत सिंह कश्यप - फोटो : अमर उजाला
दो जवान बलिदान, पांच घायल; एक की हालत नाजुक
मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'हमलावरों ने अचानक गोलीबारी की, जिसमें एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दो जवान, जिनमें एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) और एक जवान शामिल हैं, मौके पर ही बलिदान हो गए। जबकि पांच जवान गंभीर रूप से घायल हैं।' घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत इलाज के लिए भेजा गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उनमें से एक की स्थिति नाजुक है।
 

'सफेद वैन में सवार होकर भाग निकले आंतकी'
मामले में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि व्यस्त सड़क पर जवानों के वाहन पर हमला करने के बाद हमलावर एक सफेद वैन में सवार होकर भाग निकले। जवानों ने संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की ताकि कोई नागरिक हताहत न हो। सुरक्षा बल ने हमले के पीछे छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस घटना को लेकर गुवाहाटी के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि शाम लगभग 5:50 बजे, 33 असम राइफल्स के जवानों की एक वाहन-आधारित टुकड़ी अपने पटसोई कंपनी ऑपरेटिंग बेस से नाम्बोल कंपनी ऑपरेटिंग बेस की ओर बढ़ रही थी। मणिपुर के विमुक्त क्षेत्र, नाम्बोल सबल लेईकाई में, हाईवे पर अज्ञात आतंकवादियों ने इस टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया। इस कार्रवाई में, असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए और पांच घायल हो गए, जिन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। अभी तक, किसी भी समूह ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। घटना में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है।

हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
मणिपुर पिछले कुछ समय से हिंसा और तनाव की चपेट में है। ऐसे में इस ताजा हमले ने राज्य में शांति बहाली के प्रयासों को चुनौती दी है। अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे किन संगठनों का हाथ है, इसकी जांच की जा रही है। असम राइफल्स पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात सबसे अहम अर्धसैनिक बल है। जवानों पर इस तरह का हमला सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार बातचीत की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और हमलावरों को पकड़ने के लिए संयुक्त अभियान की योजना बनाई जा रही है।

पूर्व सीएम एन. बीरेन सिंह ने जताया दुख
वहीं इस घटना पर भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'नाम्बोल सबल लेईकाई में हमारे बहादुर 33 असम राइफल्स के जवानों पर हुए हमले की खबर सुनकर मैं बहुत दुखी हूं। दो जवानों की जान जाना और कई अन्य का घायल होना हम सभी के लिए एक गहरा आघात है। शहीदों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। उनका साहस और बलिदान हमेशा हमारे दिलों में रहेगा। इस जघन्य अपराध के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।'
 

अस्पताल में घायलों से मिले बीरेन सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता एन बीरेन सिंह ने इंफाल के रिम्स का दौरा किया, जहां असम राइफल्स के पांच जवानों का इलाज किया जा रहा है।
 

सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया गया- एडीजीपी
वहीं इस घटना पर इंफाल के एडीजीपी आशुतोष कुमार सिन्हा ने कहा, 'सभी सुरक्षा बल शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं, इसके बावजूद सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया गया।'
 

राज्यपाल ने की हमले की निंदा
इसी बीच, मणिपुर के राज्यपाल ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बलिदान जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और कहा कि राष्ट्र की रक्षा में उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। राज्यपाल ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे घृणित आतंकी कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।
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मणिपुर विलय समझौते की बरसी से जुड़ा आतंकी साजिश का शक
असम राइफल्स के काफिले पर हुआ घातक हमला अब नए साजिशी संदर्भों से जुड़ता दिख रहा है। यह हमला उस प्रस्तावित बंद (21 सितम्बर) से ठीक दो दिन पहले हुआ है, जिसे घाटी-आधारित उग्रवादी संगठनों ने बुलाया है। यह बंद 1949 के मणिपुर विलय समझौते का विरोध करने के लिए घोषित किया गया है। बता दें कि 21 सितम्बर 1949 को मणिपुर का भारत संघ में विलय हुआ था। राज्य के कुछ उग्रवादी संगठन इसे ब्लैक डे के रूप में चिह्नित करते हुए हर साल विरोध दर्ज कराते हैं। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क थीं।

हालांकि अभी तक किसी भी संगठन ने बिष्णुपुर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन खुफिया सूत्र इसे उसी संदर्भ से जोड़कर देख रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि बंद से पहले ऐसा हमला माहौल को अस्थिर करने और सुरक्षा बलों पर दबाव बनाने की कोशिश हो सकता है। इस बीच, हमले के बाद पूरे इम्फाल घाटी और संवेदनशील जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है।
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