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मणिपुर: 26 दिन बाद भी नहीं मिला अगवा 20 नागा और कुकी लोगों का सुराग, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी

Sun, 07 Jun 2026 05:33 PM IST
Rahul Kumar पीटीआई, इंफाल
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मणिपुर। (फाइल फोटो) - फोटो : आईएनएस
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मणिपुर के पहाड़ी जिलों में हथियारबंद समूहों द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए नागा और कुकी समुदायों के 20 लोगों का 26 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की ओर से लगभग चार सप्ताह से संयुक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक लापता लोगों का पता नहीं चल सका है।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कांगपोकपी जिले में हालिया हिंसा के असर को फैलने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने इंफाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) के किनारे स्थित लिटन, महादेव और सिनाकेइथेल गांवों के आसपास के इलाकों में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दोनों समुदायों के गांवों में संयुक्त गश्त की गई और कई अवैध बंकरों को चिन्हित कर ध्वस्त किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि गांवों के प्रतिनिधियों और नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) से भी संपर्क किया गया है। उन्हें क्षेत्र में सुरक्षा बलों की लगातार मौजूदगी का भरोसा दिलाया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। साथ ही स्थानीय युवाओं को जागरूक करने और उन्हें हिंसक गतिविधियों से दूर रखने की अपील की गई है।
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20 लोगों की तलाश जारी
अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा बनाए रखने और बंधक बनाए गए 20 लोगों को छुड़ाने के लिए कांगपोकपी, सेनापति और आसपास के जिलों में अभियान जारी रहेगा। इन 20 लोगों में छह नागा और 14 कुकी समुदाय के सदस्य शामिल हैं। नागा और कुकी दोनों समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं और बंधक बनाए गए लोगों की सुरक्षित रिहाई की मांग कर रहे हैं।

13 मई की हिंसा के बाद हुए थे अपहरण
अधिकारियों के अनुसार, 13 मई को कांगपोकपी जिले में हुई हिंसक घटनाओं में तीन चर्च नेताओं की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य घायल हुए थे। इसके बाद कांगपोकपी और नागा-बहुल सेनापति जिले में सक्रिय अलग-अलग हथियारबंद समूहों ने दोनों समुदायों के कम से कम 50 लोगों को कथित तौर पर बंधक बना लिया था। हालांकि अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं और विभिन्न सीएसओ के प्रयासों के बाद 14 और 15 मई को दोनों समुदायों के करीब 30 लोगों को रिहा करा लिया गया था, लेकिन 20 लोग अब भी लापता हैं।

मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह पहले ही कह चुके हैं कि 13 मई को छह नागा ग्रामीणों के अपहरण और तीन चर्च नेताओं की हत्या से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच के लिए इन्हें एनआईए को सौंप दिया गया है।

दो उग्रवादी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
इस बीच, एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने थौबल जिले के वैथौ सांगोमसांग क्षेत्र से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और उसके राजनीतिक विंग रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (आरपीएफ) के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान सनासम सनमातुम मैतेई उर्फ टॉमपोक उर्फ वनमैन (32) और येंगकोकपम प्रेमचंद सिंह उर्फ चिंगसांगलाकपा (26) के रूप में हुई है।

वहीं, तेंगनौपाल जिले में भारत-म्यांमार सीमा से लगे क्षेत्रों में चलाए गए एक अन्य अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की। बरामद सामान में एक देसी बंदूक, मैगजीन सहित 9 एमएम पिस्तौल, मैगजीन सहित .22 अमेरिकी निर्मित पिस्तौल, चार रेडियो सेट और चार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) शामिल हैं।

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