फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tripura: माणिक साहा त्रिपुरा के मुख्यमंत्री होंगे, दोबारा संभालेंगे सरकार की कमान; विधायक दल की बैठक में फैसला

Mon, 06 Mar 2023 09:12 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला

सार

शपथ ग्रहण समारोह आठ मार्च को हो सकता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन
Manik Saha - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला हो गया है। यहां पार्टी ने माणिक साहा पर ही भरोसा जताया है। जानकारी के मुताबिक, माणिक साहा त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। साहा दूसरी बार राज्य में सरकार की कमान संभालेंगे। इससे पहले त्रिपुरा भाजपा विधायक दल की बैठक सोमवार शाम को हुई। इसमें माणिक साहा के नाम पर सहमति बनी और उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। इस बीच माणिक साहा ने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।

विज्ञापन


शपथ ग्रहण आठ मार्च को
शपथ ग्रहण समारोह आठ मार्च को होगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद रहेंगे।

प्रतिमा भौमिक के नाम की भी थी चर्चा
इससे पहले अटकलें थीं कि केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। माणिक साहा संवेदनशील सीमावर्ती राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर उनका रास्ता मजबूत कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो साहा अभी तक विवादों में नहीं रहे हैं। वह जनजातीय इलाकों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस इलाके के लोगों ने ग्रेटर टिपरालैंड राज्य की मांग को लेकर टिपरा मोथा का समर्थन किया है।

पिछले साल मई में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी
इससे पहले पिछले साल मई में माणिक साहा को तत्कालीन सीएम बिप्लब कुमार देब के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री बनाया गया था। माणिक साहा ने 15 मई 2022 को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
विज्ञापन


कांग्रेस छोड़कर भाजपा में हुए थे शामिल
माणिक साहा 2016 में कांगेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्हें 2020 में त्रिपुरा में पार्टी प्रमुख बनाया गया था। माणिक साहा को मुख्यमंत्री बनने से एक महीने पहले ही राज्यसभा सांसद चुना गया था। उनके मुख्यमंत्री बनने बाद बिप्लब देब को राज्यसभा सांसद का चुनावा लड़ाया गया था, जिसे जीतकर वे उच्च सदन पहुंचे थे। 

त्रिपुरा में ऐसा रहा परिणाम
त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी ने IPFT के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, जबकि कांग्रेस ने लेफ्ट के साथ गठबंधन कर लिया था। चुनाव के नतीजों में भाजपा ने सूबे में अपनी सत्ता बरकरार रखी। भाजपा को 32 और आईटीएफटीक को एक सीट पर सफलता मिली थी। कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन को बड़ा झटका लगा। कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि लेफ्ट के खाते में 11 सीटें आईं। राज्य में 13 सीटें पहली बार चुनाव लड़ रही टिपरा मोथा पार्टी के खाते में गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें