कर्नाटक के मंगलूरू में 10 साल के एक लड़के की बहादुरी की काफी तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उसकी बुद्धिमानी की भी प्रशंसा कर रहे हैं। दरअसल, एक अजगर ने इस लड़के के पैर को जकड़ लिया था। लेकिन लड़के ने बिना डरे खुद को तो अजगर के चंगुल से छुड़ाया ही साथ ही आसपास के लोगों को भी सावधान किया। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...
उर्वा के रहने वाले इस बहादुर लड़के का नाम संकल्प जी पाई है। वह यहां के केनरा प्राइमरी स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। संकल्प के पिता गोपालकृष्ण पाई यहां बेकरी चलाते हैं। गोपालकृष्ण ने अपने बेटे के साथ घटी इस घटना के बारे में जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि बीते बुधवार को संकल्प मन्नागुडा में घर के पास स्थित उर्वी कृष्ण मठ में दीया जलाने के लिए गया था। रोजज की तरह वह शाम सात बजे घर से निकला था। पूजा स्थल के प्रवेश द्वार से पहले वहां एक बरसाती पानी का नाला है, जिसे पार करना पड़ता है। इसे नाले के ऊपर जाली लगी तो है, लेकिन टूटी हुई है।
उन्होंने कहा कि संकल्प जब इस जाली के ऊपर से नाला पार कर रहा था तब वहां एक अजगर भी था। परंतु संकल्प उस अजगर को नहीं देख पाया। अजगर ने इसी दौरान अचानक से संकल्प के पैर पर मुंह मारा और जकड़ने की कोशिश करने लगा। उन्होंने कहा कि बेटे संकल्प ने घटना के बारे में बताया कि जब अजगर पैर को जकड़ने की कोशिश कर रहा था, तो उसने दूसरे पैर से अजगर पर कई प्रहार किए।
इस तरह अजगर को धक्का देकर संकल्प खुद को बचाने की कोशिश करने लगा। लगभग पांच मिनट तक यह संघर्ष जारी रहा और संकल्प के दाहिने पैर को चोटिल करने के बाद अजगर नाले में वापस लौट गया। इसके बाद संकल्प ने आसपास के लोगों को नाले में अजगर के होने के बारे में बताया और सावधान रहने के लिए कहा।
इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने सांप पकड़ने वाले को बुलाया। सपेरे ने मौके पर पहुंचकर नाले से करीब नौ फीट लंबे अजगर को पकड़ लिया।
पिता गोपालकृष्ण ने बताया कि अजगर के संघर्ष के दौरान उनके बेटे संकल्प का पैर चोटिल हो गया था, परंतु उसे इस बात का पता ही नहीं चला। जब हमने उसके पैर से खून बहते देखा तो तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले गए।