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मंदसौर किसान आंदोलन में सोशल मीडिया ने गढ़ा भारत का नया किसान

Sun, 11 Jun 2017 11:40 AM IST
amarujala.com- Presented By: अभिषेक तिवारी
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मंदसौर हिंसा
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मंदसौर किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया में भी लोगों की प्रतिक्रिया का बाजार गर्म हैं। सोशल मीडिया ने भारतीय किसान को अलग तरह से गढ़ा है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी ने हिंसा भड़काने का आरोप कांग्रेस पर लगाया है और कहा कि वे इसकी जांच कर रहे हैं। लेकिन तकनीकी समझ रखने वाले युवा वर्ग ने भी सोशल मीडिया के जरिये इस विषय पर जमकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 
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जून के पहले सप्ताह में व्हाट्सऐप के जरिये मध्यप्रदेश के किसानों के बीच एक मैसेज सर्कुलेट किया गया है जिसमें कहा गया कि हमने सरकार के साथ कोई समझौता नहीं किया है। हमारी मांगें स्पष्ट हैं। किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलीबारी से हुई 5 किसानों की मौत के 6 दिन बाद, 6 जून को राज्य के पश्चिमी सांसद ने सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया दी कि पुलिस की गोलीबारी में मंदसौर जिले में पांच किसान मारे गए जबकि एक अन्य घायल की मौत भी अस्पताल में हो गई। राज्य के अन्य जिलों में हिंसक विरोध प्रदर्शन सामने आए हैं।

एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि हमारे आंदोलन में कोई नेता शामिल नहीं है। क्योंकि नेताओं को धमकाया या उनसे समझौता किया जा सकता है। उसने आगे कहा कि मैंने इस आंदोलन में हिस्सा लिया है। कोई भी हमें नहीं बताता कि ऐसा करो। इसमें केवल हम और हमारे साथी तय करते हैं कि हमें क्या करना है। 
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सूत्र से मिली जानकारी से पता चला है कि किसानों को 1 जून के प्रदर्शन में हजारों किमी दूर से मैसेज मिल हैं। एक 25 वर्षीय किसान हर्ष पाटीदार ने कहा कि सरकार चाहती है कि किसान को हमेशा एक गंदा, फटा हुआ कुर्ता पहनना चाहिए। उसने आगे कहा कि हम सभी एक समान क्यों नहीं रह सकते हैं?

गौरतलब है कि आंदोलन शुरू होने के बाद से कई यूनियन भी इसमें शामिल हुए, लेकिन जब आरएसएस के भारत किसान संघ और किसान सेना के एक छोटे समूह ने सरकार के साथ समझौता किया तो यह आंदोलन दो हिस्सों में बंटकर हिंसक रूप में सामने आया।

10 जून को एक अन्य व्हाट्सएप के मैसेज में पूछा गया कि अपने गांवो को छोड़ दो और खाना व छड़ी लेकर शहरों में इकट्ठा हों। इसके अलावा आगे कहा गया कि सांसद से किसानों की ओर से समझौता करने के लिए किसान सेना कौन होती है? 

मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे व्हाट्सऐप के जरिये एक- दूसरे को संदेश दे रहे कि जब भी किसी व्यक्ति को गिरफ्तार तो वे भीड़ के रूप में पुलिस थाने को घेर उसकी रिहाई के लिए दबाव डालेंगे।
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