चीन समेत कुछ देशों में एक बार फिर सिर उठा रहे कोरोना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसके बाद मंडाविया ने कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है। सभी संबंधित पक्षों को इसे लेकर सतर्क व सावधान रहना है। उधर, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोरोना टीकों की तीसरी या ऐहतियाती खुराक अनिवार्य है। इसे सभी को लेना चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगह मास्क पहने की सलाह भी दी गई है।
चीन में ओमिक्रॉन के बीएफ.7 का कहर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि चीन में फिलहाल बढ़े मामलों के लिए ओमिक्रॉन BF.7 सब-वैरिएंट जिम्मेदार है। वहां अगले तीन माह में तीन कोरोना लहरें आने का खतरा है। इससे 80 करोड़ लोग संक्रमित हो सकते हैं और 10 लाख से ज्यादा मौतों की आशंका जताई गई है।
गुजरात में मिला था पहला केस
इस वैरिएंट का खतरा भारत में भी हो सकता है। अक्तूबर में गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर ने देश में इस वैरिएंट के कारण संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि की थी। भारत के अलावा कई यूरोपीय देशों में भी इस वैरिएंट के कारण संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है।
INSACOG डेटा से पता चलता है कि दुनियाभर में पाए गए ओमिक्रॉन के लगभग सभी सब-वेरिएंट भारत देखे जा चुके हैं। फिलहाल हम स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारत में स्थिति नियंत्रण में है।
भारत में जोखिम कम : डॉ. अरोड़ा
भारत में कोरोना के जोखिम के बारे में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के चेयरमैन डॉ एन के अरोड़ा कहते हैं, चीन में व्यापक रूप से कोविड संक्रमण की खबरें हैं। जहां तक भारत में इसके खतरे की बात है तो यहां बड़े पैमाने पर लोगों का टीकाकरण हो चुका है, जिससे संक्रमण का जोखिम काफी कम है।