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मनास्लु में हिमस्खलन का कहर: भारतीय-जर्मन पर्वतारोही और नेपाली गाइड की मौत, सात फीट बर्फ में दबे मिले शव

Sun, 20 Sep 2026 07:51 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो

सार

मनास्लु पर्वत पर शनिवार रात भारी हिमस्खलन की चपेट में आने से भारतीय-जर्मन पर्वतारोही ध्रुव ज्योति गुहा और नेपाली शेरपा गाइड फुरसेम्बा शेरपा की मौत हो गई। दोनों के शव करीब सात फीट बर्फ के नीचे दबे मिले। आखिर खराब मौसम के बीच दोनों कैंप-3 तक क्यों पहुंचे और मनास्लु पर इस पर्वतारोहण सत्र में अब तक कितनी मौतें हो चुकी हैं? आइए, सबकुछ विस्तार स ेजानते हैं...
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मनास्लु पर चढ़ाई के दौरान हिमस्खलन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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नेपाल के मनास्लु पर्वत पर चढ़ाई के दौरान एक बड़े हादसे में भारतीय-जर्मन पर्वतारोही ध्रुव ज्योति गुहा और उनके नेपाली शेरपा गाइड फुरसेम्बा शेरपा की मौत हो गई। दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी मनास्लु पर शनिवार रात कैंप-3 में दोनों के टेंट पर हिमस्खलन गिर गया। खराब मौसम के बीच दोनों कैंप-2 से ऊंचाई वाले कैंप की ओर बढ़े थे। इसके बाद उनसे संपर्क टूट गया। तलाश के दौरान दोनों के शव करीब सात फीट बर्फ के नीचे दबे मिले।

क्या हुआ था मनास्लु पर?

  • अभियान का आयोजन करने वाली कंपनी मकाऊ एडवेंचर के प्रबंध निदेशक मोहन लामसाल के अनुसार, ध्रुव ज्योति गुहा और फुरसेम्बा शेरपा शनिवार रात खराब मौसम के बावजूद कैंप-2 से आगे कैंप-3 की ओर बढ़े थे। इसी दौरान उनके टेंट के ऊपर भारी हिमस्खलन गिर गया और दोनों बर्फ में दब गए।
  • कंपनी के छह अन्य पर्वतारोहियों ने मौसम खराब होने के कारण कैंप-2 से वापस लौटने का फैसला किया था और वे सुरक्षित हैं। दोनों के साथ हादसा उस समय हुआ, जब उन्होंने खराब मौसम के बीच जल्दबाजी में आगे बढ़ने की कोशिश की।

दोनों पर्वतारोहियों के साथ क्या हुआ और शव कैसे मिले?

  • जब दोनों पर्वतारोहियों की अभियान आयोजकों से बातचीत बंद हो गई, तब उनकी तलाश के लिए बचाव दल को कैंप-3 भेजा गया। दोनों से आखिरी बार शनिवार रात संपर्क हुआ था। बचाव दल जब कैंप-3 पहुंचा तो उन्हें दोनों के शव करीब सात फीट बर्फ के नीचे दबे मिले।
  • बताया गया कि उनके टेंट के ऊपर भारी हिमस्खलन गिरा था। इसके बाद दोनों बर्फ में पूरी तरह दब गए। फिलहाल बचाव दल दोनों के शवों को बेस कैंप तक लाने की कोशिश कर रहा है। मौसम ने साथ दिया तो शवों को सोमवार को बेस कैंप से काठमांडू ले जाने की तैयारी है।

कौन थे ध्रुव ज्योति गुहा और फुरसेम्बा शेरपा?

ध्रुव ज्योति गुहा भारतीय-जर्मन पर्वतारोही थे और जर्मनी में रहते थे। उनके साथ नेपाल के मकालू क्षेत्र के रहने वाले फुरसेम्बा शेरपा गाइड के तौर पर अभियान में शामिल थे। फुरसेम्बा को अनुभवी पर्वतीय गाइड बताया गया है। दोनों मनास्लु की चढ़ाई के लिए अभियान दल का हिस्सा थे। कैंप-2 से आगे बढ़ते समय मौसम की स्थिति खराब थी। इसी दौरान उन्होंने ऊंचे कैंप की ओर जाने का प्रयास किया और कैंप-3 में हिमस्खलन की चपेट में आ गए।

इस चढ़ाई के दौरान अब तक कितने लोगों की मौत हुई?

मनास्लु पर इस पर्वतारोहण सत्र में इन दो मौतों के बाद अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है। अभियान आयोजक के अनुसार, इससे पहले सिंगापुर के एक पर्वतारोही और नेपाल के एक गाइड की भी अलग-अलग घटनाओं में मौत हुई थी। मनास्लु पर्वतारोहियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण चढ़ाई वाला क्षेत्र है। इस हादसे ने खराब मौसम और हिमस्खलन के बीच ऊंचाई वाले कैंपों तक पहुंचने के जोखिम को भी सामने ला दिया है।

कितनी ऊंची है मनास्लु और कहां स्थित है?

मनास्लु दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची पर्वत चोटी है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 8,163 मीटर यानी करीब 26,781 फीट है। यह नेपाल के हिमालय क्षेत्र में गोरखा जिले में स्थित है। मनास्लु अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला से करीब 65 किलोमीटर पूर्व में है। मनास्लु नाम संस्कृत के एक शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ ‘आत्मा का पर्वत’ बताया जाता है। दुनिया की ऊंची चोटियों में शामिल होने के कारण यहां हर पर्वतारोहण सत्र में कई दल चढ़ाई के लिए पहुंचते हैं, लेकिन खराब मौसम और हिमस्खलन जैसी परिस्थितियां यहां बड़ा खतरा पैदा करती हैं।

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