यूपी में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद जिस समय भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर माथापच्ची चल रही थी उसी समय पीएमओ के एक शीर्ष अधिकारी ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ लखनऊ में डेरा डाल दिया।
भाजपा की खींचतान से इतर ये अधिकारी राज्य की नई सरकार की तैयारियों और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगा हुआ था। मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद योगी ने सूबे की कमान संभाली तो उनके लिए काबिल अधिकारियों की टीम तैयार करने का जिम्मा भी प्रधानमंत्री के इसी खास अधिकारी पर आया।
इसके बाद से ही सूबे के काबिल और तेजतर्रार अधिकारियों की कुंडली खंगाली जा रही है और इसे अंजाम देने में जुटे हैं मोदी के खास और पीएमओ के सबसे वरिष्ठ अधिकारी नृपेन्द्र मिश्र।
प्रधानमंत्री मोदी के सबसे खास अधिकारी हैं नृपेन्द्र मिश्र
नृपेन्द्र मिश्र पर प्रधानमंत्री के विश्वास का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सत्ता में आने के बाद मोदी ने अध्यादेश लाकर नृपेन्द्र की पीएमओ में नियुक्ति का रास्ता साफ किया था, जो ट्राई अध्यक्ष रहने के बाद संवैधानिक रूप से कहीं नियुक्ति नहीं पा सकते थे।
इसके बाद से ही प्रधानमंत्री के हर बड़े फैसलों और उनकी योजनाओं को लागू कराने में नृपेन्द्र मिश्र की बड़ी भूमिका रही है। यूपी कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी मिश्र को अब प्रधानमंत्री मोदी ने यूपी सरकार को व्यवस्थित करने का जिम्मा सौंपा है।
कहा तो ये भी जा रहा है कि योगी सरकार में किस अधिकारी को क्या जिम्मा दिया जाए इसकी जिम्मेदारी भी फिलहाल मिश्र के कंधों पर है।
इंडिया टुडे की खबर के अनुसार पीएम मोदी के प्रधान सचिव मिश्र ने गुरुवार को भी इस मुद्दे पर लगभग पौन घंटे तक योगी आदित्यनाथ से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे का खाका खींचा। कहा जा रहा है कि अब मिश्र और योगी के बीच यह बातचीत लगातार जारी रहेगी जो केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच सामंजस्य बनाए रखने का काम भी करेंगे।
योगी सरकार की कार्यप्रणाली पर निगाह रखेंगे मिश्र
2019 के आम चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार भी सारा फोकस यूपी पर करना चाहती है ऐसे में किसी भी हाल में सरकार और पार्टी यहां कोताही नहीं बरतना चाहती।
इसी कड़ी में मिश्र गरीबों के लिए लागू की गई केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं से प्रदेश नेतृत्व को रूबरू भी कराते रहेंगे और किस तरह इसे आम आदमी और गरीबों तक पहुंचाया जाए इस पर भी वह योगी का सहयोग करेंगे। दोनों के बीच इस जुगलबंदी का असर आने वाले कुछ दिनों में भीदिख सकता है जिसमें शासन प्रशासन के अधिकारियों की तैनाती भी प्रमुख है।
नृपेन्द्र मिश्र की इस नई भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि उनके बहाने प्रधानमंत्री मोदी लगातार प्रदेश सरकार के कार्यों पर निगरानी भी बनाए रखेंगे।