तेलंगाना के जयशंकर भूपलपल्ली कस्बे में बुधवार को दो अज्ञात व्यक्तियों ने एन राजलिंगमूर्ति की चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। मृतक ने तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) व अन्य पर कालेश्वरम सिंचाई परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप से इनकार करते हुए मामले को जमीन विवाद से जुड़ा बताया था। अब इस मामले में मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि हत्या से पहले पति को धमकाया गया था और मामले को निपटाने के लिए 10 लाख रुपये की पेशकश की गई थी। मृतक की पत्नी ने न्याय की मांग की है।
राजलिंगमूर्ति की पत्नी एन सरला का आरोप है कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के पूर्व विधायक गंद्रा वेंकटरमण रेड्डी के समर्थकों ने हमला किया, जो केसीआर के बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव के करीबी हैं।
पूर्व विधायक रेड्डी ने पति को बीच सड़क पर मरवाया: पत्नी
सरला ने कहा, 'करीब 10 दिन पहले मेरे पति को धमकाया गया और केसीआर के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में शिकायत वापस लेने के लिए 10 लाख रुपये की पेशकश की गई।' मृतक की पत्नी सरला पहले बीआरएस की पार्षद थीं और अब कांग्रेस में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक रेड्डी ने मेरे पति को बीच सड़क पर मरवा दिया है। उन्होंने कहा कि पति की हत्या इसलिए की गई, क्योंकि उन्होंने कालेश्वरम मामले में केस दर्ज कराया था। उन्हें केस हारने का डर था।
राजलिंगमूर्ति की हत्या के एक दिन बाद हाईकोर्ट में होनी थी सुनवाई
बता दें कि जिस दिन एन राजलिंगमूर्ति की हत्या हुई, उससे एक दिन बाद हाईकोर्ट में भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई होनी थी। हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले राजलिंगमूर्ति की हत्या होने से बड़े पैमाने पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने हत्या के लिए बीआरएस को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि, पुलिस का कहना है कि मृतक को भूमि विवाद के चलते निशाना बनाया गया।
पूर्व विधायक रेड्डी ने हत्या के आरोपों का खंडन किया
दूसरी तरफ, भूपलपल्ली से बीआरएस के पूर्व विधायक रेड्डी ने अपने खिलाफ लगे आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि न तो मैंने किसी को धमकी दी और न ही 10 लाख रुपये की पेशकश की। मामला पहले से ही अदालत में है। राजलिंगमूर्ति के जीवित होने या न होने से मामला बदलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि राजलिंगमूर्ति भूमि विवाद में शामिल थे। इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया होगा।
इसके अलावा, बीआरएस ने भी राजलिंगमूर्ति की हत्या में पार्टी नेताओं की संभावित भूमिका से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि सरला की शिकायत और एफआईआर में केटीआर या रेड्डी का नाम नहीं है।
राजलिंगमूर्ति की हत्या में बीआरएस का स्पष्ट संबंध: दयाकर
हालांकि, कांग्रेस प्रवक्ता अद्दांकी दयाकर ने हत्या में बीआरएस की भूमिका का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'इसमें स्पष्ट संबंध है। राजलिंगमूर्ति सिर्फ शिकायतकर्ता नहीं था, बल्कि उसे कालेश्वरम मामले में अनियमितताओं के बारे में साक्ष्य भी देना था।'
राजलिंगमूर्ति ने केसीआर पर अक्तूबर 2023 में लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप
बता दें कि अक्तूबर 2023 में राजलिंगमूर्ति ने अदालत में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने पूर्व सीएम केसीआर पर कालेश्वरम परियोजना के तहत मेदिगड्डा बैराज के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। मेदिगड्डा बैराज के कुछ घाटों के डूबने के बाद राजलिंगमूर्ति ने केसीआर और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
आरोप के बाद केसीआर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
बाद में, केसीआर ने अपने भतीजे और पूर्व मंत्री टी हरीश राव के साथ तेलंगाना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने दिसंबर 2023 में जयशंकर भूपलपल्ली प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित उस आदेश को निलंबित कर दिया था, जिसमें केसीआर के खिलाफ याचिका दायर करने की अनुमति दी गई थी। कथित अनियमितताओं पर मौजूदा कांग्रेस सरकार द्वारा गठित जांच आयोग अगले महीने अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है।
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