पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के आरोप में गुजरात सीआईडी ने भरूच जिले के अलंकेश्वर से एक युवक को गिरफ्तार किया है। अपराध जांच विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा, आरोपी प्रवीण मिश्रा मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर का निवासी है। उसने भारतीय सशस्त्र बलों और रक्षा-संबंधित अनुसंधान एवं विकास फर्मों की गोपनीय जानकारी एकत्र की थी, जिसे वह पाकिस्तान भेज रहा था। देश के खिलाफ आपराधिक साजिश को अंजाम देने के लिए मिश्रा व्हाट्सएप कॉल और ऑडियो चैट के माध्यम से एक पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटर के संपर्क में था। इसमें कहा गया है कि मिलिट्री इंटेलिजेंस, उधमपुर से सूचना मिलने के बाद सीआईडी ने मिश्रा और भारतीय व्हाट्सएप नंबर और 'सोनल गर्ग' की फर्जी फेसबुक आईडी का इस्तेमाल करने वाले पाकिस्तानी ऑपरेटर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। साथ ही, आपराधिक साजिश में शामिल उन अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जो व्हाट्सएप नंबर पर पाकिस्तानी ऑपरेटर के संपर्क में थे।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रवीण मिश्रा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 123 (युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के इरादे से छिपाना) और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गुजरात सीआईडी के एडीजीपी राजकुमार पांडियन ने इस बारे में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि सीएसएल सीआईडी क्राइम ने भरूच के पास अंकलेश्वर में एक फैक्ट्री में रेकी की। जहां हमें प्रवीण मिश्रा नामक एक व्यक्ति मिला। जब उसके फोन की जांच की गई तब जासूसी का खुलासा हुआ। इसके अलावा उसके फोन से कई और महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस जानकारी के आधार पर, हमने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 123, आईटी अधिनियम और साजिश के अपराध के तहत मामला दर्ज किया है।
उन्होंने बताया कि जासूसी के इस मामले की मुख्य आरोपी जो कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की हैंडलर है, उसने प्रवीण मिश्रा को हनी ट्रैप के जाल में फंसाया और सोनल गर्ग के रूप में फर्जी आईडी से फंसाया। पाकिस्तानी हैंडलर ने प्रवीण को बताया कि वह आईबीएम चंडीगढ़ में काम करती है। हनीट्रैप के जाल में फंसाने के बाद उसने प्रवीण मिश्रा के जरिए भारत की रक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।
गुजरात सीआईडी के एडीजीपी राजकुमार पांडियन ने यह भी बताया कि आईएसआई रक्षा प्रतिष्ठान में काम करने वाले लोगों को अपना निशाना बनाती है। इस लिस्ट में कई अन्य नाम भी हैं। वहीं, सीआईडी ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रवीण मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। वह भरूच के अंक्लेश्वर में रहता था। उसने हैदराबाद में एक संगठन में काम किया था, इसके बाद उसे डीआरडीओ के साथ काम करने का मौका मिला था। पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आने के बाद उसने व्हाट्सएप और फोन कॉल के जरिए आईएसआई को उसने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। फिलहाल उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में जांच की जा रही है।