मुंबई के एक कारोबारी ने अक्तूबर 2017 में जेट एयरवेज के एक विमान में अपहरण की धमकी का नोट लिखकर छोड़ा था। अब मंगलवार को एक विशेष एनआईए अदालत ने उस कारोबारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उसपर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष अदालत के न्यायाधीस एम दवे ने कहा कि दोषी कारोबारी बिरजू सल्ला से वसूली जाने वाली जुर्माने की राशि उक्त विमान के चालक दल के सदस्यों और यात्रियों के बीच वितरित की जाएगी। इसमें प्रत्येक पायलट को एक-एक लाख रुपये, हर एयर होस्टेस को 50-50 हजार रुपये और हर यात्री को 25-25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
सल्ला पर 30 अक्तूबर को विमान के शौचालय के टिशू पेपर बॉक्स में अंग्रेजी और उर्दू में धमकी भरा नोट लिखकर विमान अपहरण की अफवाह फैलाने का आरोप है। विमान की अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आपात लैंडिग करानी पड़ी थी। वहीं सल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया था।
इस घटना के बाद राष्ट्रीय उड़ान निषेध सूची में पहली बार किसी व्यक्ति को शामिल किया गया था। सल्ला पर विमान अपहरण रोधी कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। एनआईए ने पिछले साल जनवरी में उसके खिलाफ विमान अपहरण रोधी कानून की धाराओं 3 (1), 3 (2) (ए) और 4 (बी) के तहत आरोपपत्र दायर किया था।