चुनाव आयोग ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो ईवीएम को लेकर झूठे दावे करने, गलत सूचना फैलाने के प्रयास में शामिल है, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयोग ने ईवीएम हैक करने का दावा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
एक व्यक्ति ने ईवीएम हैक करने का दावा किया है। ईवीएम हैक करने का दावा करने वाला व्यक्ति विदेश में रहता है। हालांकि ईवीएम हैक करने के दावे को चुनाव आयोग ने गलत और भ्रामक बताया है और दावा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी की पहचान सैयद शुजा के रूप में हुई है। पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपी की पहचान और उसे पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठा रही हैं। साथ ही पुलिस ऐसे लोगों की भी पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो सैयद शुजा के संपर्क में हैं और इस भ्रामक दावे को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं।
विज्ञापन
चुनाव आयोग ने दावे को बताया भ्रामक, दर्ज कराई एफआईआर
चुनाव आयोग ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो ईवीएम को लेकर झूठे दावे करने, गलत सूचना फैलाने के प्रयास में शामिल है, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयोग ने ईवीएम हैक करने का दावा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। गौरतलब है कि आरोपी ने दावा किया है कि वह मशीन की फ्रीक्वेंसी को अलग करके ईवीएम को हैक कर सकता है। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि सैयद शुजा द्वारा किए गए दावे झूठे और निराधार हैं।
सीईओ ने बताया कि 30 नवंबर को साइबर पुलिस स्टेशन, दक्षिण मुंबई में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी अधिनियम के तहत वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई तब की जब कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें एक व्यक्ति यह दावा करता हुआ सुनाई दे रहा है कि वह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की फ्रीक्वेंसी को अलग करके उसे हैक और छेड़छाड़ कर सकता है।
विज्ञापन
आरोपी 2019 में भी कर चुका है ऐसा दावा
उल्लेखनीय है कि 2019 में भी चुनाव आयोग ने इसी तरह के दावे करने के लिए शुजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। ऐसे में दिल्ली पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली और मुंबई पुलिस मिलकर पूरी सक्रियता से जांच कर रही है। चुनाव आयोग ने कहा है कि ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित है, जिन्हें वाईफाई या ब्लूटूथ सहित किसी भी नेटवर्क से नहीं जोड़ा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कई मौकों पर ईवीएम पर अपना भरोसा जताया है।