भाई की लाश को साइकिल से ले जाता युवक
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ओडिशा के दाना मांझी के सरकारी अस्पताल से अपनी पत्नी के लाश को कंधे पर उठाकर ले जाने की घटना को अभी 8 महीने ही हुए हैं कि असम में भी ऐसी ही घटना देखने को मिली। ढंग की सड़क न होने की वजह से एक शख्स को अपने भाई की लाश साइकिल पर लादकर ले जानी पड़ी।
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द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ये मामला असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के चुनाव-क्षेत्र मजुली का है। हालांकि मंगलवार को स्थानीय टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित फुटेज के कुछ घंटों के अंदर ही सोनोवाल ने इस मामले में जांच का आदेश दिया और एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मृतक लखीमपुर के बालिजान गांव का है। उसका गांव अस्पताल से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर है। अस्पताल की वैन का इंतजार किए बिना मृतक के परिजन उसकी लाश को साइकिल पर लादकर चल पड़े।
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मजुली के डिप्टी कमिश्नर पी जी झा ने बताया कि मृतक लखीमपुर जिले का है। उसके परिजन उसे गारामुर सिविल अस्पताल ले गए जो उनके गांव के पास है। ऐसा लगता है कि उनके गांव में गाड़ी जाने लायक सड़क नहीं है। इसके अलावा गांव पहुंचने के लिए उन्हें बांस के पुल को पार करना पड़ता है।
सिविल अस्पताल में अधीक्षक मानिक मिलि के अनुसार डिंपल दास को श्वास संबंधित दिक्कतों के बाद अस्पताल ले जाया गया। उसकी स्थिति काफी गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसकी जांच की लेकिन ऑक्सीजन सप्लाई देने से पहले ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टर ने उसकी बॉडी को ले जाने के लिए वैन बुलवाया, लेकिन वैन आने से पहले ही उसके परिजन उसकी लाश लेकर चले गए।