पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के निर्णय को गलत करार दिया है। उनका कहना है कि जो कांग्रेस कर रही है वह बिलकुल वैसा नहीं करेगी। राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव के खारिज हो जाने के बाद कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। इसपर तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष का कहना है कि सीजेआई के खिलाफ नोटिस देना कांग्रेस का गलत निर्णय था। वह चाहती थी कि हम उसका समर्थन करें लेकिन हमने ऐसा नहीं कहा।
ममता ने बताया कि मैंने सोनिया और
राहुल गांधी से कहा था कि वह सीजेआई को हटाने के लिए नोटिस ना लाएं। हम देश की न्यायिक व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं। बनर्जी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में यह भी कहा कि त्रिपुरा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस से कहा था कि भाजपा को मिलकर कड़ी टक्कर दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने राहुल गांधी से कहा कि टीएमसी और आदिवासी पार्टी के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ गठबंधन कर लें। मैंने उन्हें बराबर सीटों का फॉर्मूला दिया लेकिन कांग्रेस ने हमारे प्रस्ताव पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि किस तरह दिल्ली में कांग्रेस नेता तृणमूल का साथ चाहते हैं जबकि बंगाल में वह उनकी पार्टी के खिलाफ खड़े रहते हैं।
ममता ने कहा कि कांग्रेस भाजपा के खिलाफ प्रस्तावित फेडरल फ्रंट में एक साझेदार के तौर पर हिस्सा बन सकती है मगर फ्रंट के नेता के तौर पर नहीं। कांग्रेस को फ्रंट के लिए यह बलिदान देना पड़ेगा। अगर वह ऐसा नहीं करती है तो खुद अपने रास्ते पर चल सकती है। यदि हम भाजपा के साथ आमने-सामने की लड़ाई करते हैं तो ओडिशा में बीजेडी, आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव पर सबकुछ छोड़ देंगे। फ्रंट की हर पार्टी को नियमों का पालन करना पड़ेगा और यह कांग्रेस पर भी लागू होता है।