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West Bengal Politics: ममता बनर्जी ने मांगी केंद्रीय मदद की राशि, तो सुवेंदु अधिकारी ने खोला घोटालों का पुलिंदा

Sun, 07 Aug 2022 06:44 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/कोलकाता।

सार

सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि मनरेगा फंड से हजारों एकड़ जमीन पर पौधरोपण, मैंग्रोव बढ़ाने व अन्य फलदार पौधे रोपने का फर्जी दावा सरकार ने किया। जांच हुई तो कहा गया कि ‘यास और अम्फान चक्रवात’ में पौधे बह गए। अधिकारी के आरोपों पर केंद्र बंगाल सरकार से जल्द ही जवाब मांग सकती है।
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ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी। - फोटो : PTI
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विस्तार
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एक दिन पहले ही बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय कोष से एक लाख करोड़ रुपये की मांग की थी। अगले ही दिन राज्य के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने घोटालों का पुलिंदा खोल दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री को पांच पृष्ठ का पत्र लिखकर दावा किया कि मनरेगा सहित केंद्र की कई योजनाओं को पश्चिम बंगाल सरकार के क्षेत्रीय नेताओं ने अपने लिए पैसा छापने की मशीन में बदल दिया है।

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सुवेंदु ने कहा है कि मनरेगा फंड से हजारों एकड़ जमीन पर पौधरोपण, मैंग्रोव बढ़ाने व अन्य फलदार पौधे रोपने का फर्जी दावा सरकार ने किया। जांच हुई तो कहा गया कि ‘यास और अम्फान चक्रवात’ में पौधे बह गए। प्राकृतिक रूप से उगे पेड़ों को भी मनरेगा में लगाए गए पेड़ बताया गया। अधिकारी के आरोपों पर केंद्र बंगाल सरकार से जल्द ही जवाब मांग सकती है।

एक ब्लॉक में 53.74 करोड़ का घपला
अधिकारी ने कुलतली विधानसभा के जॉयनगर -2 ब्लॉक का उदाहरण दिया, जहां दो साल से मनरेगा में पौधरोपण हो रहा है। इस पर 54.74 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया। सच्चाई यह है कि बिना एक भी पौधा लगवाए सत्ताधारी पार्टी के क्षेत्रीय नेता पैसा ले रहे हैं तो बीडीओ स्तर के प्रशासनिक अधिकारी अपना कमीशन बना रहे है।
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केंद्रीय योजनाओं का बदल रहीं नाम
अधिकारी ने कहा है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आवंटित राशि में राज्य सरकार गबन कर रही है। इसे दूसरी जगह डायवर्ट करवा रही है। केंद्रीय योजनाओं का नाम तक बदलकर अपने नाम दे रही है। जब केंद्रीय टीमें निरीक्षण कर रहीं, तो रातों रात सही नाम लिखवाए जा रहे और घपले के साक्ष्य छिपाए जा रहे हैं।

2000 करोड़ का महामारी में खरीद घोटाला
कोविड महामारी में खरीद घोटाले का उल्लेख कर अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल ने राज्य सरकार की जांच रिपोर्ट कई बार मांगी, जो आज तक नहीं दी गई। यह घोटाला 2,000 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरण खरीद से जुड़ा है।

कोलकाता हाईकोर्ट ने भी अम्फान चक्रवात के समय जारी मुआवजे व राहत सामग्री कोष में घपले के आरोपों की कैग ऑडिट के आदेश दिए थे। इसकी भी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। अब तक इसी चक्रवात के नाम पर और फंड भी मांगे जा रहे हैं।

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