पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को घोषणा की कि शरणर्थियों के लिए निजी और केंद्र सरकार की भूमि पर कॉलोनियों को नियमित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार में विस्थापितों को भी भूमि अधिकार दिए जाएंगे।
उनका बयान केंद्र सरकार द्वारा की देशभर में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) की घोषणा की पृष्ठभूमि में आया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों की रक्षा कर रही है। क्योंकि वे यही उनका वोट बैंक है। उन्होंने कहा कि राज्य में एनआरसी जरूर लागू किया जाएगा।
ममता ने कहा कि हमने शरणार्थियों के लिए भूमि नियमित करने का फैसला कर लिया है। ये मामला बहुत समय (साल 1971) से चल रहा है, और शरणार्थी बिना घर या जमीन के बीच में लटके हुए हैं। मैं मानती हूं कि शरणार्थियों के भी अधिकार होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठक के बाद पहले भी 94 शरणार्थी कॉलोनियों को नियमित किया था, जो राज्य सरकार की भूमि पर थे।