पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में कुछ नेता हैं जिन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि बंगाल की रीढ़ कैसे तोड़नी है। हमारी आंखें फोड़ना और हमारी रीढ़ को तोड़ना आसान नहीं है। मैं आप सभी से निवेदन करती हूं कि जब भी आप फोन कॉल का जवाब दें तो 'जय बांग्ला' कहें, नमस्ते नहीं।'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। यहां उन्होंने कहा, ‘‘जब तक मैं जीवित हूं, मैं किसी डर या धमकी से नहीं डरने वाली।’’
किसी व्यक्ति या किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बिना तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उन्होंने हारना नहीं सीखा है। वह किसी से नहीं डरतीं और उन्हें जेल से या किसी अन्य चीज से नहीं डराया जा सकता।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें जेल से डराने की कोशिश न करें, हमने बंदूकों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और चूहों के खिलाफ लड़ने से नहीं डरते।’’
बता दें इस कार्यक्रम से पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मुख्यमंत्री के भतीजे एवं लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी और साली को रविवार को कोयला चोरी के मामले में नोटिस थमाकर जांच में शामिल होने को कहा।
बनर्जी ने कहा, ‘‘21 में मुकाबला होने दीजिए, देखते हैं किसकी शक्ति ज्यादा है, 21 में केवल एक खेल होगा और उस मैच में, मैं गोलकीपर रहूंगी तथा देखना चाहती हूं कि कौन जीतता है और कौन हारता है।’’
मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘हमने हारना नहीं सीखा है और वो हमें हरा नहीं पाएंगे।’’
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ अपनी-अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।