पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित नही करने पर बुधवार को केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा उनको (नेताजी) राष्ट्रीय नेता नहीं मानती। उनकी यह टिप्पणी ऐसे दिन आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रवादी नेता की जयंती के मौके पर लाल किले में सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय का उद्घाटन किया है।
बोस की 122वीं जयंती के अवसर पर दार्जिलिंग के चौरास्ता में आयोजित कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने कहा कि ऐसा लगता है कि वे उन्हें (नेताजी) राष्ट्रीय नेता नहीं मानते हैं। ममता ने कहा कि स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने के लिए नेताजी ने सभी समुदाय और वर्ग के लोगों को अपने साथ लिया। आजाद हिंद फौज (आईएनए) का गठन दार्जिलिंग से लेकर देश के अन्य भागों में रहने वाले लोगों को लेकर किया गया।
उन्होंने कहा कि नेताजी देश के सभी लोगों के बीच एकता और भाइचारे की बात करते थे। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलने वाला व्यक्ति ही सच्चा नेता होता है। यही कारण है कि महात्मा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आजाद और बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर महान राष्ट्रीय नेता थे। उन्होंने कहा कि हम तभी सफल होंगे जब हम एकजुट रहेंगे।