पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की आलोचना की। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख इतिहास को विकृत करने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, भागवत ने अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को भारत की सच्ची स्वतंत्रता से जोड़ा था।
क्या बोले थे भागवत?
भागवत ने कहा था कि राम मंदिर के प्रतिष्ठापन का दिन प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाया जाना चाहिए, क्योंकि इस दिन भारत ने सच्ची स्वतंत्रता हासिल की, जो सदियों तक परचक्र (दुश्मन हमले) का सामना कर रहा था।
सीएम बनर्जी का हमला
ममता बनर्जी ने इस बयान को देशद्रोही करार देते हुए कहा, 'मैं इस बयान की कड़ी निंदा करती हूं। यह एक खतरनाक बयान है, इसे वापस लिया जाना चाहिए। यह इतिहास को विकृत करने की कोशिश है। हम भारत की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने को तैयार हैं, लेकिन ऐसे बयानों को सहन नहीं किया जा सकता।