प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके कार्यालय में किया फोन नहीं उठा सकीं क्योंकि उस समय वह खड़गपुर में थीं ताकि राज्य में चक्रवात फैनी के संभावित प्रभाव पर नजदीकी नजर रख सकें। प्रधानमंत्री ने कहा है कि उन्होंने ममता बनर्जी को शनिवार को दो बार फोन किया लेकिन उन्होंने बात नहीं की।
मोदी ने शनिवार को चक्रवात के मद्देनजर जमीनी स्थिति के बारे में जानकारी लेने के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को फोन किया था। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने मोदी पर मुख्यमंत्री को ‘बाईपास’ करने का आरोप लगाया और कहा कि वे देश के संघीय ढांचे का सम्मान नहीं करते।
बनर्जी ने झाड़ग्राम के गोपीबल्लभपुर उप मंडल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं चक्रवात की निगरानी करने के लिए खड़गपुर में थी लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से फोन कॉल मेरे कार्यालय (कोलकाता) किया गया इसलिए मैं जवाब नहीं दे पाई।’
प्रधानमंत्री ने यह मुद्दा पूर्वी मिदनापुर जिले के तामलुक में एक चुनावी रैली के दौरान उठाया था। उन्होंने कहा, ‘वे इतनी घमंडी हैं कि उन्होंने मुझसे बात नहीं की... स्पीडब्रेकर दीदी की रुचि राजनीति करने में अधिक है।’
पीएम मोदी ने कहा कि वे स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के अधिकारियों से बात करना चाहते थे। लेकिन उन्होंने यह भी नहीं होने दिया। उनकी राजनीति के चलते बंगाल के लोग प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि केंद्र सरकार बंगाल के लोगों के साथ खड़ी है।