जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव करीब आ रहे हैं राजनीतिक दल एक दूसरे पर लगातार हमलावर हैं। इस बीच पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से तीखे तेवर में इंटेलिजेंस एजेंसियों की रिपोर्ट को नजरअंदाज करने का कारण पूछा। ममता ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकार के पास 5 फरवरी से ही यह सूचना थी कि लोकसभा चुनाव से पहले देश में ऐसा हमला हो सकता है, तब भी सरकार ने इस पर कोई ध्यान क्यों नहीं दिया?
ममता ने कहा कि ऐसी आशंका के बावजूद एक साथ 78 काफिलों को चलने की अनुमति क्यों दी गई? सरकार ने पहले ही कोई कदम क्यों नहीं उठाया? ममता ने पश्चिम बंगाल के लोगों से यह अपील की कि वे किसी भी असामाजिक तत्वों के झांसे में नहीं आएं। ममता ने कहा कि भाजपा, आरएसएस और वीएचपी ऐसे चुनावी माहौल का फायदा उठा कर देश में सामप्रदायिकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने पुलिस को राज्य में ऐसे किसी भी मामले से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है।