पश्चिम बंगाल में रसोई गैस की संभावित किल्लत को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रमुख तेल विपणन कंपनियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल भी उठाए और कहा कि इसकी पूरी व्यवस्था केंद्र के नियंत्रण में है, इसलिए पहले से बेहतर योजना और निगरानी तंत्र होना चाहिए था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से यह खबर फैलने के बाद कि गैस सिलिंडर खत्म होने पर नया सिलेंडर मिलने में करीब 25 दिन का समय लग सकता है, लोगों में अचानक चिंता बढ़ गई। इसके कारण गैस बुकिंग की संख्या भी तेजी से बढ़ी और सामान्यतः दो लाख के आसपास रहने वाली बुकिंग एक झटके में छह लाख तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि कई उपभोक्ताओं को सर्वर खराब होने के कारण भी बुकिंग में दिक्कत हुई, जिसे तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन समेत प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सही जानकारी देने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी, ताकि रोजाना स्थिति की स्पष्ट जानकारी दी जा सके और अफवाहों पर रोक लगे।
ममता बनर्जी ने तेल कंपनियों से यह भी अनुरोध किया कि हालात सामान्य होने तक हल्दिया, कल्याणी और दुर्गापुर में रिफाइन की जाने वाली गैस को राज्य के बाहर न भेजा जाए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि मिड-डे मील, आंगनवाड़ी (आईसीडीएस) केंद्रों, अस्पतालों और छात्रावासों में गैस की आपूर्ति किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। आम घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की भी बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों के पास केवल एक सिलेंडर है और जिनका गैस खत्म हो गया है या खत्म होने वाला है, उन्हें तुरंत सिलेंडर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। जिनके पास दो सिलेंडर हैं, उन्हें भी कम से कम एक सिलेंडर जल्द देने का सुझाव दिया गया है, ताकि लोगों को लंबा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में गैस की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए‘ग्रीन चैनल’ व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है और गैस वितरणएजेंसियों को हर जिले के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है।यदि कहीं जमाखोरी पाई जाती है तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
सीएनजी की कमी के कारण कुछ जगहों पर ऑटो किराया बढ़ने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, इसलिए सभी ऑटो चालकों को किराया बढ़ाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।