मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कांग्रेस के गढ़ मालदा में पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि उसने उस माकपा के आगे सिर झुका दिया है जिसने कई पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। वे जिले के सुजापुर में तृणमूल कांग्रेस की एक चुनावी रैली में बोल रही थीं।
ममता ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि मालदा के दो वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं व पड़ोसी मुर्शिदाबाद के एक नेता ने माकपा के आगे सिर झुका दिया है। किसी जमाने में माकपा ने राजीव गांधी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे अपनी रैली का नारा बनाया था। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने सवाल किया कि क्या ऐसे लोग कांग्रेसी कहलाने लायक हैं? उन्होंने निजी हितों के लिए कांग्रेस के झंडे को बेच दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माकपा के साथ चुनावी तालमेल करने वाली कांग्रेस को मालदा के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एबीए गनी खान की विरासत के नाम पर वोट मांगने का कोई हक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि गनी खान ने माकपा को बंगाल की खाड़ी में फेंक देने की धमकी दी थी। ममता ने कहा कि गनी खान की विरासत पर हक जमाने वाले नेता अब माकपा के साथ हाथ मिला रहे हैं। क्या उनका कोई आत्मसम्मान नहीं है? तृणमूल प्रमुख ने कहा कि इससे उनका राजनीतिक दिवालियापन झळकता है। राज्य के लोग उनको खारिज कर देंगे। उन्होंने माकपा पर हमला बोला और उस पर महज कुछ सीटों के लिए मार्क्स और लेनिन के आदर्शों को तिलांजति देने का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस ने जिले की 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं।