जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी अगले तीन दिन नंदीग्राम में ही रहेंगी। इस दौरान वह आम जनता से संपर्क करेंगी और उन्हें टीएमसी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों की जानकारी देंगी। साथ ही, लोगों को तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में मोड़ने की कोशिश करेंगी।
नंदीग्राम में अपने भाषण के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि कोई-कोई बंटवारा करने की कोशिश करेगा, लेकिन ऐसे लोगों की बात मत सुनना। मैं अपना नाम भूल सकती हूं, लेकिन नंदीग्राम नहीं। ममता बनर्जी बोलीं कि मैं गांव की बेटी हूं। नंदीग्राम सीट खाली हुई, इसलिए यहां से लड़ रही हूं। मैं सिंगूर और नंदीग्राम को साथ लाई हूं। दीदी ने कहा कि आपको याद रखना होगा कि मैं किस तरह यहां पहुंची हूं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कहा कि आंदोलन के दौरान मुझ पर काफी अत्याचार हुए। मुझे नंदीग्राम आने से रोका गया, लेकिन अत्याचार के बावजूद मैं रास्ते से नहीं हटी। मैं नंदीग्राम के आंदोलन को पूरे बंगाल में ले गई। आपने मुझे स्वीकारा, इसलिए मैं नंदीग्राम आई। सिंगूर के बाद नंदीग्राम का ही आंदोलन हुआ। मैंने पहले से ही सोच रखा था कि नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ूंगी। जब आप कहेंगे, तभी नामांकन दाखिल करूंगी। मैं बंगाल की बेटी हूं, बाहरी कैसे हो सकती हूं। आप नहीं चाहेंगे तो मैं नंदीग्राम से नहीं लड़ूंगी।
ममता बनर्जी ने अपने भाषण के दौरान नंदीग्राम में हुए किसानों के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान गोलियां चलाई गईं और लाठियां बरसाई गईं। मेरी गाड़ी पर भी गोलियां चलाई गई थीं।
रैली में भाषण के दौरान ममता बनर्जी ने चंडी पाठ भी किया। उन्होंने नंदीग्राम में मंच पर कई मंत्रों का उच्चारण किया। साथ ही, लोगों से 'खेला होबे' का नारा भी लगवाया। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं हिंदू हूं। मुझे हिंदुत्व न सिखाएं और न ही मेरे साथ हिंदुत्व कार्ड खेलें। हम हर धर्म के लोगों को साथ लेकर चलने की कोशिश करेंगे।
ममता बनर्जी ने नंदीग्राम के मंच से तृणमूल कांग्रेस के घोषणा पत्र को जारी करने की तारीख भी बताई। ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी का घोषणा पर शिवरात्रि के दिन यानी 11 मार्च को जारी होगा। हालांकि, उससे पहले दीदी नंदीग्राम में ही भोलेनाथ की पूजा भी करेंगी।