भाजपा के विधायक दल के नेता चुने गए शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे थे।
पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के साथ ही विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पिछले 15 वर्षों से इस्तेमाल की जा रही कुर्सी को हटा दिया गया है। यह कुर्सी अब विपक्ष के नेता के कक्ष में स्थानांतरित कर दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस कुर्सी का प्रयोग नहीं करेंगे, बल्कि उनके लिए मुख्यमंत्री कक्ष में एक अलग सीट की व्यवस्था की गई है।
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नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था के तहत यह लकड़ी की कुर्सी शुक्रवार रात को ही शिफ्ट कर दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, जिस कक्ष में अब ममता बनर्जी की कुर्सी रखी गई है, उसे विधानसभा के विपक्ष के नेता के लिए उपयोग किए जाने की उम्मीद है।
फर्नीचर से लेकर और क्या-क्या हटा?
राज्य के एक वरिष्ठ नौकरशाह ने बताया, "स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री के नामित फर्नीचर और आधिकारिक चिन्हों को हटा दिया गया है। नए प्रशासन के लिए आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं।" सूत्रों के अनुसार, प्रक्रिया के तहत ममता बनर्जी के कक्ष के बाहर लगे आधिकारिक नेमप्लेट को भी हटा दिया गया था।
इस बीच विधानसभा में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर शुभेंदु अधिकारी के नाम की एक नई नेमप्लेट लगा दी गई है। यह कक्ष पश्चिम बंगाल के कई पूर्व मुख्यमंत्रियों का कार्यस्थल रह चुका है। विधानसभा सचिवालय के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "यह बदलाव काफी हद तक प्रक्रियात्मक हैं। वे नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक अधिकार के औपचारिक हस्तांतरण को दर्शाते हैं।"
भवानीपुर सीट पर शुभेंदु ने दी थी ममता को शिकस्त
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से शुभेंदु अधिकारी ने हराया था। शुभेंदु अधिकारी को 73917 वोट मिले थे और उन्होंने 15105 वोटों के अंतर से ममता बनर्जी को शिकस्त दी थी। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 58812 वोट मिले थे।