बंगाल चुनाव की तपिश के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नक्सलबाड़ी में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान 'दीदी' के निशाने पर केंद्र की भाजपा सरकार रही। ममता बनर्जी ने अपने भाषण में नागरिकता के मुद्दे से लेकर आदिवासियों के हक तक, हर उस नब्ज को टटोला, जो बंगाल की राजनीति में सबसे ज्यादा संवेदनशील मानी जाती है। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि न NRC होने दूंगी, न डिटेंशन कैंप बनने दूंगी।
एसआईआर के दौरान गई 220 लोगों की जान- सीएम ममता
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि कुल 27 लाख मतदाता ऐसे थे जिनकी पात्रता की जांच एसआईआर के तहत की जा रही थी। उन्होंने कहा, "मुझे जानकारी मिली है कि पहली लिस्ट में ही 8 लाख नाम हटा दिए गए हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह लिस्ट है कहां? चुनाव आयोग ने इसे सिर्फ ऑनलाइन क्यों रखा है? सरकारी दफ्तरों में इसकी हार्ड कॉपी अब तक क्यों नहीं लगाई गई?"
सीएम ने कहा कि जब तक लिस्ट सार्वजनिक नहीं की जाएगी, तब तक इन आंकड़ों का सत्यापन संभव नहीं है। इतना ही नहीं, 'दीदी' ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया के तनाव के चलते अब तक 220 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में आधे हिंदू और आधे मुस्लिम समुदाय से थे। हालांकि, इन मौतों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक डेटा सामने नहीं आई है।
"बुजुर्गों को कतार में खड़ा करना शर्मनाक"
चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जिस देश में बुजुर्गों ने अपनी पूरी जिंदगी खपा दी, आज उनसे उनकी नागरिकता का सबूत मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा, "बुजुर्ग नागरिकों को लंबी-लंबी कतारों में खड़ा किया जा रहा है। उनकी नागरिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों ने वोट देकर सरकार चुनी, आज वही सरकार उनसे पूछ रही है कि वे इस देश के नागरिक हैं या नहीं? ऐसी पार्टी को वोट मांगने का कोई हक नहीं है।
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान में बड़ा ट्रेन हादसा: पटरी से उतरीं तेजगाम एक्सप्रेस की 5 बोगियां, 26 यात्री घायल
हमने हर धर्म के लिए काम किया- ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर के लिए कितनी लाइनें थीं? वे जानना चाहते हैं कि आपके परिवार में कितने बच्चे हैं। आप किस देश के नागरिक हैं। उन्होंने कितने आदिवासियों, राजबंशियों को निकाला है? कितने हिंदू, मुसलमान मारे गए हैं? क्या यह उनकी जिम्मेदारी है? 'दीदी' ने आगे कहा कि जब देश में आजादी का आंदोलन हुआ था, तब भाजपा पैदा भी नहीं हुई थी। आज वे धर्म की बात करते हैं। पहले वे कहते थे कि ममता बनर्जी दुर्गा पूजा की इजाजत नहीं देतीं, लेकिन यहां इतने सारे लोग दुर्गा पूजा, काली पूजा मनाते हैं। हमने हर धर्म के लिए काम किया है
हमने आदिवासियों को जंगल के अधिकार दिए-सीएम ममता
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार ममता बनर्जी ने कहा कि हमने आदिवासियों को जंगल के अधिकार दिए हैं। भाजपा नाटक करती है, आदिवासियों पर अत्याचार करती है। सब जगह देखें आदिवासियों पर कितना अत्याचार हुआ, लेकिन मैंने बिरसा मुंडा कॉलेज बनवाया। मैंने बिरसा मुंडा की मूर्ति बनवाई। मैंने उनके लिए काम किया है।