ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निवेश के लिए प्रतिकूल माहौल बनाने का आरोप लगाया। गुरुवार को उन्होंने बंगाल बिजनेस कॉन्क्लेव के आखिरी सत्र में कहा कि भारतीय उद्योगपति नियमित टैक्स के साथ-साथ सीबीआई टैक्स चुकाने को लेकर चिंता से घिरे रहते हैं। व्यापारी डरा हुआ है। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि राज्य में निवेश करें। यहां आपको किसी तरह का कोई मानसिक दबाव नहीं झेलना पड़ेगा।
वहीं, भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता कानून में संशोधन किए जाने की आलोचना करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र सरकार को चुनौती दी है। ममता ने शुक्रवार को कहा कि वह किसी भी सूरत में इसे प. बंगाल में लागू नहीं करने देंगी।
ममता ने दीघा में कहा कि भाजपा कानून को लागू करने के लिए राज्यों को बाध्य नहीं कर सकती। ममता ने कहा कि हम कभी भी राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और नागरिकता कानून को बंगाल में अनुमति नहीं देंगे। हम नागरिकता कानून में संशोधन को लागू नहीं करेंगे, भले ही इसे संसद ने पारित किया है। भाजपा राज्यों को इसे लागू करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती।
राज्य में सिलसिलेवार विरोध प्रदर्शनों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से जुड़े समारोह से संबंधित बैठक में शामिल होने के लिए प्रस्तावित दिल्ली यात्रा भी रद्द कर दी है। नागरिकता कानून भारत को विभाजित करेगा। जब तक हम सत्ता में हैं, राज्य के एक भी व्यक्ति को भी देश नहीं छोड़ने देंगे।
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की प्रस्तावित असम यात्रा का संदर्भ देते हुए ममता ने कहा कि अगर वह यात्रा रद्द कर देते हैं तो यह देश की साख पर धब्बा होगा। बता दें कि आबे का गुवाहाटी दौरा रद्द हो गया है।