पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाजपा और सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमले के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी भाजपा पर वार किया है। ममता ने कहा कि जिस तरह अखिलेश को रोका गया है उसी तरह जिग्नेश को भी गुजरात में एक विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में जाने से रोका गया था। उन्हें भाजपा के गुंडों से धमकी मिली थी। भाजपा घृणा की राजनीति में लिप्त है।
ममता ने कहा कि हमारे देश में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं इसकी निंदा करती हूं। ममता ने आगे कहा कि अगर योगी के शासन में, किसी पूर्व मुख्यमंत्री को कॉलेज के कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं है, तो 'रुकावट' है। 'रुकावट के लिए खेद है'। देश में आज ऐसी स्थिति है कि लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने की इजाजत नहीं है।
ममता बनर्जी ने नागरिकता विधेयक (संशोधन) को लेकर भी भाजपा को घेरा। ममता ने कहा, हम भूपेन हजारिका की भावनाओं को समझते हैं। जब उनके परिवार के पास नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर भावनाएं हैं, हम उनकी भावनाओं की कद्र करते हैं। हम बिल का कड़ा विरोध करते हैं। वे (भाजपा) इस विधेयक के नाम पर लोगों का अपमान करना चाहते हैं।
बता दें कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लखनऊ एयरपोर्ट पर मंगलवार सुबह इलाहाबाद विश्वविद्यालय जाने से रोक दिया गया। इससे पूरे प्रदेश में जगह-जगह सपा कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला भी फूंक रहे हैं। सपा कार्यकर्ताओं के साथ बसपा कार्यकर्ता भी सड़क पर उतर आए हैं।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे। छात्र संघ कार्यक्रम में जाने से रोकना का एक मात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है।