तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता एम करुणानिधि की पहली पुण्यतिथि बुधवार को तमिलनाडु में मनाई गई। चेन्नई में आयोजित समारोह में शामिल हुईं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जम्मू-कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला को नजरबंद किए जाने पर चिंता व्यक्त की।
ममता बनर्जी ने चेन्नई में वाईएमसीए सभागार में मौजूद लोगों को संबोधित किया। ममता ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी और कहा कि महात्मा गांधी और बी आर अंबेडकर की तरह, एम करुणानिधि ने भी राज्य में लोगों के कल्याण के लिए काम किया था। ममता ने कहा, "वह अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन वह हमारे दिलों में जीवित हैं।"
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने और कश्मीर के स्थानीय नेताओं को नजरबंद और गिरफ्तार किए जाने पर बनर्जी ने चिंता जताई। ममता बनर्जी ने कहा, "आज मैं सोच रही थी कि फारूक अब्दुल्ला जी को इस बैठक में भाग लेना चाहिए था, लेकिन वह नहीं आ पाए। मैंने कल एक वीडियो देखा, वह रो रहे थे कि वह अपनी बेटी के घर भी नहीं जा सकते।"
बनर्जी ने कहा, "हम वास्तव में चिंतित हैं। कभी-कभी, राजनीतिक दल कोई निर्णय ले सकते हैं। लेकिन अगर वे तमिलनाडु के लिए कोई निर्णय लेते हैं, तो उन्हें तमिलनाडु के लोगों को विश्वास में लेना होगा। यदि वे पश्चिम बंगाल के लिए कोई निर्णय लेते हैं, तो उन्हें पश्चिम बंगाल के लोगों को विश्वास में लेना होगा।"