दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'नोटबंदी की वजह से सवा करोड़ नौकरियां खत्म हो गई। गाली कदेने वाले लोगों को पीएम मोदी फॉलो करते हैं। यदि मोदी-शाह की जोड़ी दोबारा आई तो देश नहीं बचेगा। कुछ भी करो मोदी-शाह को भगाओ। किसानों की फसले बर्बाद होती हैं तो मोदी जी और शाह उन्हें इंश्योरेंस कंपनियों के पास जाने को कहते हैं। यह कंपनियां मोदी जी के दोस्तों की हैं। यह जोड़ी संविधान को खत्म करना चाहती है। देश का युवा परेशान है उनके पास नौकरी नहीं है। मोदी और शाह जाने वाले हैं, देश के अच्छे दिन आने वाले हैं।'
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा- 'मुझे पूरा भरोसा है कि जो बात बंगाल से चलेगी वो पूरे देश में नजर आएगी। बीएसपी के साथ हमारे गठबंधन से देश में खुशी की एक लहर आई है। आज इस रैली से देश की जनता में एक भरोसा पैदा होगा। भाजपा का 40 दलों के साथ गठबंधन है। चुनाव के नजदीक आते ही उसने सीबीआई और ईडी से भी गठबंधन कर लिया है। लेकिन हमारा गठबंधन जनता से है। मोदी के नाम ने देश को निराश किया है।'
फारूक अब्दुल्ला ने पारदर्शिता के लिए मतपत्र प्रणाली फिर से लागू करने की वकालत करते हुए ईवीएम को ‘चोर’ मशीन करार दिया। उन्होंने कहा, ‘यह किसी एक व्यक्ति (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) को सत्ता से बाहर करने की बात नहीं है। यह देश को बचाने और आजादी के लिए लड़ने वालों के बलिदान का सम्मान करने की बात है। ईवीएम, चोर मशीन है। ईमानदारी से कह रहा हूं। इसके इस्तेमाल पर रोक लगनी चाहिए। दुनिया में कहीं भी मशीन का इस्तेमाल नहीं होता है। ईवीएम का इस्तेमाल रोकने और पारदर्शिता के लिए मतपत्र प्रणाली को वापस लाने के लिए विपक्षी दलों को निर्वाचन आयोग और भारत के राष्ट्रपति से मिलना चाहिए।’ जम्मू-कश्मीर के हालात के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि लोग धार्मिक आधार पर बंट रहे हैं। ‘लोगों को पाकिस्तानी बताया जा रहा है। लेकिन सभी लोग.... लद्दाख से लेकर हर जगह पर... भारत में रहना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं मुसलमान हूं और मुझे भारत से, अपने देश से प्यार है।’
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा- 'नोटबंदी के जरिए इस सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को बेहाल कर दिया है। अलोकतांत्रिक नेता इस सरकार को चला रहे हैं। क्षेत्रीय दलों में लोगों के साथ जुड़ने और अपने राज्यों के हितों की रक्षा करने की मजबूत प्रवृत्ति है। यह रैली केवल एक शुरुआत है। हम इस सरकार के खिलाफ देशभर में मार्च करेंगे। यह हमारा दुर्भाग्य है कि आज केंद्र मे ऐसी सरकार है जिसका नेतृत्व करने वाले नेता को संविधान पर भरोसा नहीं है।'
बसपा के राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा- 'फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। किसान असंतुष्ट हैं, इस सरकार के अंतर्गत अल्पसंख्यक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ऐसी सरकार को उखाड़ने की जरूरत है। यदि हम संविधान को बचाना चाहते हैं तो हमें भाजपा सरकार से मुक्ति पाने की जरूरत है। वोट के लिए भाजपा जनता से झूठ बोल रही है। बेरोजगारी बढ़ रही है। किसान, मजदूर, अल्पसंख्यकों और दलितों को सताया जा रहा है।'
हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा को देश से उखाड़ फेंकने का आह्वान करते हुए विपक्षी दलों से अपील की कि अगले लोकसभा चुनावों में वे सांप्रदायिक पार्टी को करारा जवाब दें। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मेजबानी में विशाल संयुक्त विपक्षी रैली में सोरेन ने कहा कि जिस तरह से भाजपा देश को चला रही है उससे देश में ‘हिंसा और अशांति का माहौल’ पैदा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा ‘हम सभी विपक्षी दलों को सांप्रदायिक ताकतों का माकूल जवाब देना होगा। हमें भाजपा को ना सिर्फ केंद्र से उखाड़ फेंकना होगा बल्कि उसे राज्यों से भी हटाना होगा।’
दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की विपक्षी रैली में कई विपक्षी दलों का एकसाथ आना आगामी लोकसभा चुनाव में बदलाव का संदेश देता है। ‘महागठबंधन’ आरएसएस और भाजपा की हार सुनिश्चित करेगा। गुजरात से निर्दलीय विधायक ने कहा, ‘भाजपा के साढ़े चार साल के शासन में गरीबों, अल्पसंख्यकों और दलितों के शोषण से देश अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है।’ उन्होंने उम्मीद जतायी कि केन्द्र में ‘महागठबंधन’ की सरकार बनने पर वह संविधान के पालन को सुनिश्चित करेगा और देश एक सच्चा समाजवादी गणराज्य बन जाएगा
ममता बनर्जी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंच गई हैं। इसी मंच से वह विपक्षी एकता का संदेश देने के साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति भी बनाएंगी। रैली के लिए शुक्रवार से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों से पार्टी समर्थकों का महानगर पहुंचना शुरू हो गया था। बनर्जी का कहा है कि यह रैली आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा के ताबूत की आखिरी कील साबित होगी। कांग्रेस की ओर से लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके सहयोगी अभिषेक मनु सिंघवी मौजूद रहेंगे। पश्चिम बंगाल से भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने रैली को लेकर कहा, 'भ्रष्ट नेताओं की एकता की रैली। कोलकाता में आज पाखंड का प्रदर्शन होगा।'
बीजू जनता दल (बीजद) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम मोर्चे के अलावा सभी विपक्षी पार्टियों के नेता इस रैली में हिस्सा लेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी रैली को अपना समर्थन दिया है। रैली की भारी सफलता को सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। बड़े-बड़े मंचों के अलावा, 20 टॉवर खड़े गए हैं और 1,000 माइ्क्रोफोन एवं 30 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं ताकि दर्शक नेताओं को साफ तौर पर देख एवं सुन सकें।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के लिए रैली वाले स्थान के अंदर एवं आस-पास 10,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी और 400 पुलिस पिकेट लगाए जाएंगे। पुलिस ने बताया कि रैली स्थान के आस-पास वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है।