बांग्लादेश की प्रधानमंत्री और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच शनिवार को हुई बैठक में बंगाल और बांग्लादेश के आपसी संबंधों, सांस्कृतिक विरासत और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा तो हुई, लेकिन दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों की राह में रोड़ा बने तीस्ता नदी के पानी पर बंटवारे का कहीं कोई जिक्र नहीं किया। शनिवार को देर शाम यह मुलाकात कोलकाता के एक पंचतारा होटल में हुई।
ममता ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमने दोनों बंगाल के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक और व्यापारिक आदान-प्रदान के बारे में बातचीत की है। उन्होंने बताया कि हम दोनों पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश के बीच सांप्रदायिक सद्भाव मजबूत करने की जरूरत पर सहमत हैं। दोनों बंगाल के बीच संबंध पहले से ही मधुर हैं।
बैठक से पहले दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को आम, मिठाइयां और साड़ी दीं। ममता ने कहा कि वे हसीना के प्रधानमंत्री बनने से पहले ही उनको व उनके परिवार को जानती हैं। ममता ने कहा कि हसीना ने उनको बांग्लादेश दौरे का न्योता दिया है। उन्होंने भी हसीना को दोबारा बंगाल आने का न्योता दिया है।