फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खरगे ने नड्डा को लिखा पत्र: किस वादे की दिलाई याद? बोले- यह करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है मामला

Thu, 03 Sep 2026 10:49 AM IST
नितिन गौतम एएनआई, नई दिल्ली

सार

मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धिकरण करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब खरगे ने एक बार फिर इस मामले को लेकर जेपी नड्डा को चिट्ठी लिखी है और उन्हें उनका वादा याद दिलाया है। 
विज्ञापन
मल्लिकार्जुन खरगे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद किए गए शुद्धिकरण के मुद्दे पर सियासी रार अभी भी जारी है। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। खरगे ने नड्डा को उनके वादे की याद दिलाई और शुद्धिकरण के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग दोहराई। खरगे ने पत्र में लिखा कि 24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
विज्ञापन


पत्र में खरगे ने क्या लिखा?
कांग्रेस अध्यक्ष ने जेपी नड्डा को लिखे पत्र में कहा, 'यह मुद्दा मेरे लिए व्यक्तिगत हित या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में मेरी भूमिका से कहीं ज्यादा बड़ा है। यह करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो हर दिन इस क्रूर वास्तविकता का सामना करते हैं। ऐसे कुकर्म करने वाले लोगों को सबक सिखाना जरूरी है।'

खरगे ने नड्डा से अपील की कि वे उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी को मंच शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दें। खरगे ने याद दिलाया कि नड्डा ने राज्यसभा में उन्हें आश्वासन दिलाया था कि शुद्धिकरण की घटना में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। खरगे ने कहा कि यह घटना एक दलित नेता के रूप में उनकी पहचान से जुड़ी है और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में ऐसी प्रथाएं स्वीकार्य हैं?
विज्ञापन


नड्डा ने क्या वादा किया था?
राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने शुद्धिकरण विवाद पर कहा,'खरगे जी ने जो कहा, वह वाकई दुखद है, न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए, बल्कि हम सभी के लिए के लिए यह दुखद है। लेकिन हम इसकी जांच करेंगे। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वहां जो कुछ भी हुआ, उसकी निश्चित रूप से जांच की जाएगी। लेकिन मैं यह साफ करना चाहता हूं कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती है। मैं इसकी निंदा करता हूं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मामले को देखेंगे। यह हम सभी के लिए बहुत खेद की बात है कि आपकी भावनाएं आहत हुईं।'

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोपों को खारिज किया है और उनका कहना है कि इस घटना को जातिगत पहलू देना ठीक नहीं है। भाजपा सांसद ने कांग्रस पर हिंदू समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। 

क्या है विवाद
दरअसल बीती 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि एक दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों ने उसी स्थान पर शुद्धिकरण अनुष्ठान किया, जिसकी कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आलोचना की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे छुआछूत से जोड़ा और आरोप लगाया कि शुद्धिकरण भी छुआछूत का ही दूसरा रूप है। राहुल गांधी ने भी इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। राहुल गांधी ने कहा कि यह कृत्य संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन करता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें