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Rajya Sabha: आंबेडकर पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के निशाने पर अमित शाह; खरगे ने दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस

Thu, 19 Dec 2024 12:44 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस अध्यक्ष ने धनखड़ से आग्रह किया कि गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जाए। उन्होंने सदन की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली के नियम 188 के तहत नोटिस दिया है।
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मल्लिकार्जुन खरगे बनाम अमित शाह - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने के लिए नोटिस दिया। यह नोटिस बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर से संबंधित उनकी टिप्पणी को लेकर दिया गया है। 

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कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को सौंपे नोटिस में आरोप लगाया कि अमित शाह ने 17 दिसंबर को उच्च सदन में 'संविधान की 75 साल की गौरवशाली यात्रा' पर चर्चा का जवाब देते हुए बाबासाहेब का अपमान किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के खिलाफ सदन की अवमानना और विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने धनखड़ से आग्रह किया कि गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जाए। उन्होंने सदन की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली के नियम 188 के तहत नोटिस दिया है। खरगे ने कहा, 'गृह मंत्री ने सदन में जो टिप्पणियां कीं, वह भारत के संविधान के मुख्य वास्तुकार बीआर आंबेडकर का स्पष्ट रूप से अपमान है।'
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कांग्रेस ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा
इससे पहले कांग्रेस ने बुधवार को अमित शाह पर संविधान निर्माता बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाया था और कहा था कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए तथा देश से माफी मांगनी चाहिए। मुख्य विपक्षी दल और उसके सहयोगी दलों के सदस्यों ने इस विषय को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया और संसद परिसर में भी विरोध प्रदर्शन किया था।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा किया था कि शाह की टिप्पणी का यह मतलब था कि बाबासाहेब का नाम लेना भी गुनाह है। उन्होंने कहा था कि अमित शाह ने कल राज्यसभा में जब बाबासाहेब आंबेडकर का नाम लेकर बयान दिया, तब मैंने हाथ उठाकर बोलने की इजाजत मांगी थी, लेकिन मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया। उस समय हम सब सहयोग की भावना से चुपचाप बैठे रहे, क्योंकि हम संविधान पर चर्चा कर रहे थे।

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