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राफेल डील को खड़गे ने बताया घोटाला, कहा- नैतिक आधार पर पद के लायक नहीं पीएम, इस्तीफा दें

Sat, 22 Sep 2018 02:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मल्लिकार्जुन खड़गे
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कांग्रेस को राफेल के तौर पर एक ऐसा मुद्दा मिल गया है जिसपर वह चौतरफा तरीके से मोदी सरकार को घेर सकती है। इसलिए लगभग रोजाना इसपर वह केंद्र सरकार पर निशाना साधती रहती है। राहुल गांधी ने भी शनिवार को राफेल को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए देश के जवानों के खून को अपमानित करने का आरोप लगया था। वहीं अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे में पीएम का इस्तीफा मांगा है।

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मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांक्वा ओलांद ने इस बात को साफ कर दिया है कि पीएम का निजी कंपनी को राफेल का कांट्रैक्ट दिलवाने में हाथ है। इससे पता चलता है कि हमारे पीएम अपने दोस्त को डील पक्की करने के लिए फ्रांस लेकर गए। हम लगातार कह रहे हैं कि यह घोटाला है और पीएम ने उसकी (अनिल अंबानी) की मदद की है।'

खड़गे ने आगे कहा, 'यह मेरी निजी मांग है कि वह (पीएम नरेंद्र मोदी) इस पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं और इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्हें किसी कैबिनेट मंत्री को प्रधानमंत्री नियुक्त करना चाहिए। अब वह नैतिक आधार पर इस पद के योग्य नहीं हैं।'
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बता दें कि विवादित राफेल सौदे के संबंध में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांक्वा ओलांद ने दावा किया है कि अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस का नाम भारत सरकार ने ही प्रस्तावित किया था। उनके राष्ट्रपति रहने के दौरान ही इस पर सहमति भी बन गई थी। हालांकि ओलांद ने इस सौदे से अपनी प्रेमिका जूली गयेट का संबंध होने से इनकार किया है।

ओलांद ने कहा, ‘अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस को इस सौदे में शामिल करने में हमारी कोई भूमिका नहीं थी। भारत सरकार ने इस कंपनी का नाम प्रस्तावित किया और दसॉल्ट ने अंबानी से समझौता किया। हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। मैं तो सोच भी नहीं सकता हूं कि इससे जूली गयेट की फिल्म का कोई संबंध भी हो सकता है।’

एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 2016 में भारत में गणतंत्र दिवस समारोह में ओलांद के शामिल होने से दो दिन पहले ही अंबानी की रिलायंस एंटरटेनमेंट ने गयेट के साथ एक समझौता किया था। इसी यात्रा के दौरान भारत को 36 राफेल विमान सौंपने के लिए ओलांद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एओयू) पर हस्ताक्षर किया था।
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