कर्नाटक में कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने घोषणा की थी कि मकर सक्रांति पर कुछ ऐसा होगा, जिससे कर्नाटक में बड़ा उत्सव मनाया जाएगा। अब सक्रांति तो चली गई है, मगर भाजपा खेमे की ओर से कुछ ऐसा वैसा नहीं हुआ। खबरें यही आ रही हैं कि कांग्रेस-जेडी (एस) सरकार को गिराने का प्रयास हो रहा है।
आरोप है कि यह सब भाजपा की साजिश है। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने भी अब यह संकेत दे दिया है कि भाजपा विधायक अगर हमारे गठबंधन में शामिल होना चाहें तो हम उन्हें मना नहीं करेंगे। बुधवार को कांग्रेस पार्टी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह बात कुछ इस तरह से कही... 'कोई आया तो दरवाजा बंद नहीं, हमने किसी को बुलाया नहीं'।
कर्नाटक की स्थिति को लेकर कांग्रेस पार्टी नेताओं ने इशारा कर दिया है कि भाजपा अगर उनके विधायकों को तोड़ सकती है तो वे चुप नहीं बैठेंगे। कांग्रेस-जेडी (एस) सरकार में मंत्री और कर्नाटक की राजनीति में अच्छा-खासा दखल रखने वाले जमीर अहमद खान का दावा है कि भाजपा के विधायक भी उनके संपर्क में हैं। भाजपा शुरू से ही कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों में लगी है। खुद उनके नेता येदियुरप्पा जो कि पहले भी कथित तौर पर खरीद-फरोख्त के प्रयास करते रहे हैं, वे इस बार खुले तौर से कांग्रेसी विधायकों को तोड़ने की बात कर रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी ने कभी ऐसा प्रयास नहीं किया, मगर भाजपा को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके विधायक भी कांग्रेस के संपर्क में हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी पहले ही कह चुके हैं कि कुछ भाजपा विधायक उनके टच में हैं। उधर, खड़गे ने भी यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चलती है। हम विधायकों को तोड़ने का प्रयास नहीं करते। हां, अगर कोई भाजपा विधायक खुद से कांग्रेस पार्टी के दरवाजे पर आता है तो उसे वापस जाने के लिए नहीं कहते। हां यह बात तय है कि हम किसी को बुलाते नहीं हैं।