कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे
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सुप्रीम कोर्ट के दखल से लोकपाल नियुक्ति की नए सिरे से शुरू हुई प्रक्रिया पर अब कांग्रेस ने ग्रहण लगा दिया है। गुरुवार को हुई लोकपाल चयन समिति की बैठक में लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शामिल होने से इंकार कर दिया।
खड़गे को सरकार ने बतौर विशिष्ट अतिथि बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। खड़गे ने इस मामले में प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर कड़ा विरोध जताया और सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
पीएम को लिखे पत्र में खड़गे ने कहा कि चयन समिति की बैठक में बतौर सदस्य के बदले बतौर विशिष्ट अतिथि बुलाना न केवल उनका अपमान है, बल्कि यह विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश भी है। खड़गे ने लोकपाल-लोकायुक्त कानून के चार साल पहले बन जाने के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति में हुई देरी पर भी पीएम पर सवाल खड़े किए।
चयन समति में प्रधानमंत्री, सीजेआई के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा स्पीकर और एक कानून के जानकार को शामिल किया गया है। चूंकि लोकसभा में कांग्रेस के पास विपक्ष का नेता पद हासिल करने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है, इस कारण कांग्रेस को नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं दिया गया है।
गौरतलब है कि बीते दिनों एक एनजीओ ने कानून बनने के बाद भी चार साल तक लोकपाल की नियुक्ति न होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार ने शीर्ष अदालत को नियुक्ति की प्रक्रिया जारी रहने की सूचना दी थी। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को चयन समिति की बैठक बुलाई गई थी।