Mallikarjun Kharge Over Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कथित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय आंदोलनरत छात्रों को बदनाम किया जा रहा है। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है। आइए, विस्तार से पूरे मामले को समझते हैं...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कथित 'आतंकवादी' टिप्पणी को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें बदनाम कर रही है। खरगे ने कहा कि देशभर में छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर असंतोष है और ऐसे समय में शिक्षा मंत्री का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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खरगे ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई परीक्षा पेपर लीक हुए हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि नीट पेपर लीक मामले के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या की और अनेक परिवार बर्बाद हो गए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय शिक्षा मंत्री आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज को 'आतंकियों की गूंज' बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में 'छात्रों की गूंज' और तेज होगी तथा धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।
क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे?
खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सरकार से सवाल करता है, उसे देश विरोधी बताया जाता है। खरगे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले किसानों को 'आंदोलनजीवी' और 'परजीवी' कहकर संबोधित किया था और अब छात्रों की आवाज को भी इसी तरह दबाने की कोशिश की जा रही है।
90 पेपर लीक हुए हैं, करोड़ों छात्रों का भविष्य बरबाद हुआ है, 20 बच्चों ने NEET Paper Leak की वजह से अपनी जान ले ली, परिवार तबाह हो गए…
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पर मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कुर्सी पर चिपककर, इंटरव्यू देते हुए “छात्रों की गूँज” को “दहशतगर्द” (Terrorists) बता रहे हैं।…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) June 24, 2026
छात्र संगठन ने क्यों जताई नाराजगी?
छात्र संगठन सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे युवाओं को 'आतंकवादियों की बी टीम' बताना बेहद आपत्तिजनक है। दिपके ने कहा कि देश के युवा आतंकवादी नहीं हैं और उन्हें देशभक्ति का प्रमाणपत्र देने का अधिकार किसी को नहीं है।
नीट और पेपर लीक का मुद्दा क्यों गरमाया?
कांग्रेस लगातार नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाती रही है। विपक्ष का आरोप है कि बार-बार पेपर लीक होने से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर कई छात्र संगठन प्रदर्शन भी कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार को परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान की कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में संसद और सड़कों पर यह मुद्दा और तेज हो सकता है। विपक्ष शिक्षा मंत्री से माफी और इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
खरगे पर भाजपा का पलटवार
भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे तथा कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि खरगे परिवार ने अपने प्रभाव और सत्ता का दुरुपयोग कर कर्नाटक में विभिन्न जगहों पर जमीन हासिल की। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए 'लैंड लूट' की गई है।
भंडारी ने कहा कि बेंगलूरू में एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में रिसर्च के लिए सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को पांच एकड़ जमीन आवंटित की गई, जबकि ट्रस्ट के पास इस क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गुलबर्गा में 19 एकड़ जमीन को 30 साल की लीज के बाद स्थायी संपत्ति में बदल दिया गया। भाजपा ने सवाल किया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।
वहीं, प्रियांक खरगे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा आरएसएस को खुश करने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई गलत काम हुआ होता तो भाजपा की केंद्र सरकार पिछले 12 वर्षों में उनके खिलाफ कार्रवाई कर चुकी होती। प्रियांक ने कहा कि उनके सभी दस्तावेज सार्वजनिक हैं और वह किसी भी मंच पर इस पर चर्चा के लिए तैयार हैं।