कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को राज्यसभा में मणिपुर हिंसा की जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने मणिपुर में चल रही स्थिति की पूरी जानकारी सामने लाने के लिए केंद्र सरकार से सदन में श्वेत पत्र पेश करने को कहा। खरगे ने राज्यसभा में कहा कि मणिपुर पिछले दो सालों से हिंसा से जूझ रहा है, और केंद्र सरकार राज्य में शांति कायम करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और 60,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए हैं। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि हिंसा के कारण मणिपुर की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और जीएसटी संग्रह में गिरावट आई है।
मणिपुर दौरे पर क्यों नहीं गए पीएम मोदी- खरगे
'शांति लाने के लिए भाजपा के पास कोई योजना नहीं'
अपने भाषण में खरगे ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी मणिपुर गए और वहां के पीड़ितों से मिले, जबकि सुप्रीम कोर्ट के जज और कई एनजीओ भी मणिपुर गए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी वहां नहीं गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पास चुनावी रैलियों के लिए समय है, लेकिन मणिपुर के लिए नहीं। साथ ही खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास मणिपुर में शांति लाने की कोई योजना नहीं है।
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पीएम मोदी से की मणिपुर दौरा करने की अपील
इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष ने मणिपुर की स्थिति पर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मणिपुर का दौरा करना चाहिए और वहां की कानून व्यवस्था को ठीक करना चाहिए। खरगे ने प्रधानमंत्री से मणिपुर में जाकर स्थिति स्पष्ट करने की अपील की। साथ ही कहा कि कम से कम प्रधानमंत्री को मणिपुर जाकर जवाब देना चाहिए।