कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का जश्न मनाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोग अब भी बेरोजगारी, महंगाई और असमानता से जूझ रहे हैं। एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में खरगे ने कहा, "लाइट्स। कैमरा और निष्क्रियता। जब अर्थव्यवस्था की बात आती है तो पीएम मोदी के प्रचार की यही कहानी है।"
उन्होंने कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी, आप कह रहे हैं कि देश जीडीपी वृद्धि का जश्न मना रहा है। आपके पास यह सुविधा हो सकती है, लेकिन आम आदमी के पास नहीं है। हमारे आम लोग तीन 'यू' से परेशान हैं और इसके लिए आप जिम्मेदार हैं।" खरगे ने इन तीन 'यू' का मतलब अभूतपूर्व (अनप्रिसीडेंट) बेरोजगारी, असहनीय (अनबियरेबल) महंगाई और बेलगाम (अनब्राइडल्ड) असमानता बताया।
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान की बड़ी बातें
- बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "बेरोजगारी 50 साल के उच्चतम स्तर पर है। 40 प्रतिशत युवा स्नातक बेरोजगार हैं। जुलाई 2026 में 15 से 29 वर्ष की उम्र के हर छह में से एक युवा भारतीय बेरोजगार था। हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा टूट चुका है।"
- महंगाई पर खरगे ने आरोप लगाया, "खुदरा महंगाई 19 महीने के उच्चतम स्तर पर है। चीनी, प्याज, टमाटर, दाल, खाना पकाने का तेल, चावल, दूध, रसोई की हर जरूरी चीज महंगी हो रही है। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी भी लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।"
- उन्होंने कहा, "मध्यम वर्ग के परिवार किसी तरह गुजारा करने की कोशिश कर रहे हैं और गरीबों ने उम्मीद छोड़ दी है।"
मोदी सरकार की आर्थिक नीति पर उठाए क्या सवाल?
खरगे ने संपत्ति में असमानता को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "असमानता ब्रिटिश शासन से भी बदतर है। देश की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत हिस्सा शीर्ष एक प्रतिशत लोगों के पास है। निचले 50 प्रतिशत लोग अपमानजनक 15 प्रतिशत हिस्से पर गुजारा कर रहे हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया, "आपकी सरकार ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में गरीबों से अमीरों तक संपत्ति के सबसे बड़े हस्तांतरण को अंजाम दिया है। बेलगाम कारोबारी सांठगांठ ही आपकी एकमात्र आर्थिक नीति है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे आरोप लगाया कि सरकार ने 2014 से अब तक 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कॉरपोरेट कर्ज को बट्टे खाते में डाल दिया है।
पीएम मोदी की अपील पर भी साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "और हाल का हैरान करने वाला उदाहरण यह है कि 22,006 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावों के मुकाबले कर्जदाताओं को सिर्फ 6.5 करोड़ रुपये की वसूली हुई, यानी 99.97 प्रतिशत की कटौती।" उन्होंने आगे कहा, "देश ने देखा है कि भारत के प्रधानमंत्री एक कारोबारी करीबी के निजी यात्रा एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं!"
खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से लोगों से अनावश्यक विदेश यात्रा और सोना खरीदने से बचने की अपील की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "भारतीयों से बार-बार सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा नहीं करने की आपकी नसीहत जमीनी हकीकत दिखाती है। तथ्य यह है कि लोगों से झूठ बोलने की आपकी क्षमता के अलावा कुछ नहीं बदला है।"
पीएम मोदी ने जीडीपी वृद्धि को बताया सामूहिक ताकत का परिणाम
खरगे की टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत वास्तविक जीडीपी वृद्धि की सराहना की थी। पीएम मोदी ने इसे लोगों की सामूहिक ताकत का परिणाम बताया और विपक्ष पर निराशा फैलाने का आरोप लगाया था।
एक्स पर साझा किए गए वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों, युद्ध, संकट और आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "7.8 प्रतिशत वृद्धि। देश खुशी से भर गया है। मैं देशवासियों की इच्छाशक्ति और मेहनत के लिए उन्हें बधाई देता हूं। यह सामूहिक ताकत का प्रतिबिंब है। दुनिया युद्ध में डूबी हुई है। चारों ओर से युद्ध की खबरें आ रही हैं। दुनिया संकटों से घिरी हुई है। आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह बाधित है। 2020 में कोरोना काल से अब तक कहीं भी स्थिरता दिखाई नहीं दे रही है। इसके बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। दूसरी ओर, भारत में ही निराशा के गर्त में डूबे लोग, झूठ की गूंज में व्यस्त हैं और चारों ओर निराशा फैला रहे हैं। इन सबको पार करते हुए देश ने 7.8 प्रतिशत वृद्धि हासिल की है।"