साल 2008 के मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में मंगलवार को एनआईए कोर्ट में सबूत के तौर पर विस्फोट में इस्तेमाल एक बाइक और पांच साइकिलें पेश की गईं। विस्फोट में इस्तेमाल की गई एलएमएल मोटरसाइकिल भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर थीं, जो मामले में आरोपी भी हैं।
जानकारी के मुताबिक जज एके लाहोटी ने फोरेंसिक एक्सपर्ट, गवाहों और वकीलों के साथ मिलकर मोटर साइकिल और साइकिलों का मुआयना किया।
इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट मामले में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित की याचिका पर तेजी से फैसला करने का निर्देश दिया था। पुरोहित ने अपने खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि केस चलाने के लिए सरकार की ओर से मंजूरी कानूनी रूप से गलत है।
बीते महीने 13 जुलाई को एनआईए ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया था कि 12 जुलाई तक कुल 495 गवाहों में से 256 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है। बाकि गवाहों से जल्द ही पूछताछ की जाएगी।
बता दें महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 बम धमाका हुआ था। इसमें सात लोगों की मौत हो गई थी और सौ से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे। ब्लास्ट तब हुआ था जब कुछ लोग रमजान की नमाज पढ़ने के लिए जा रहे थे।
बम विस्फोट के मामले में प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी, मेजर (सेनि.) रमेश उपाध्याय, अजय रहीरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल हैं, जो जमानत पर बाहर हैं।