मुंबई की एक विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने इन कैमरा ट्रायल की मांग की थी। अदालत ने गवाहों की पूर्ण या आंशिक कानूनी कार्यवाही की अनुमति देने के अधिकार पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
इससे पहले 29 अगस्त को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मालेगांव धमाका मामले में विशेष एनआईए अदालत में सभी कार्यवाही के वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था। हालांकि न्यायालय ने ट्रायल अदालत को शीर्ष अदालत और उच्च अदालत के पहले के निर्देशों के अनुसार स्पीडी ट्रायल करने का निर्देश दिया था।
बता दें कि सितंबर, 2008 में हुए इस बम धमाके में भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और पांच अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर यूएपीए और आईपीसी के तहत आतंक फैलाने व साजिश रचने के आरोपों में मुकदमा चलाया जा रहा है।
29 सितंबर, 2008 को उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव कस्बे में एक मस्जिद के करीब मोटरसाइकिल में रखे विस्फोटक के फटने से छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 के करीब लोग घायल हो गए थे।