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मालेगांव ब्लास्ट केस: एनआईए कोर्ट ने पुरोहित की याचिका को किया खारिज, मांगे थे गवाहों के बयान

Wed, 21 Nov 2018 05:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित
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2008 मालेगांव बम धमाके मामले में विशेष एनआईए कोर्ट ने लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित द्वारा दस्तावेज प्राप्त करने के लिए दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह ट्रायल को लंबा खींचने के लिए आवेदक का एक गोपनीय अजेंडा है। बता दें कि पुरोहित ने अपनी याचिका में एटीएस और एनआईए चार्जशीट के सभी गवाहों के बयान मांगे थे। 

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उल्लेखनीय है कि इस मामले में सोमवार(19 नवंबर) को उच्चतम न्यायालय ने बंबई उच्च न्यायालय से कहा था कि वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले के आरोपियों में से एक लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की याचिका पर वह विचार करे। उस याचिका में पुरोहित ने कहा था कि उनके खिलाफ मुकदमा बिना किसी वैध अनुमति के चलाया जा रहा है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालय को पुरोहित की याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई करने का निर्देश दिया। मालेगांव विस्फोट मामले में विशेष अदालत ने दो नवंबर को पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के बाद औपचारिक रूप से मुकदमा शुरू कर दिया था।
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पुरोहित ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत के पहले के आदेश का जिक्र किया था जिसमें निचली अदालत और बंबई उच्च न्यायालय को पुरोहित के दावे पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। उसमें कहा गया था कि उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम तथा अन्य दंडात्मक कानूनों के तहत अधिकारियों से मंजूरी के बगैर मुकदमा चलाया जा रहा है।
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याचिका में आरोप लगाया गया कि निचली अदालत ने मंजूरी नहीं लेने के दावे को देखे बगैर ही पुरोहित और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए और मुकदमा शुरू कर दिया।

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