India-Maldives: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारत-मालदीव संबंधों को लेकर कहा कि मालदीव भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति का अहम हिस्सा है। उन्होंने पड़ोसी देश के प्रतिनिधिमंडल को भारतीय संसद में डिजिटल सुधारों और नई तकनीकी सेवाओं की जानकारी दी, जिनसे संसद की कार्यकुशलता बढ़ी है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को भारत-मालदीव संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि द्वीप राष्ट्र भारत का न केवल मित्र पड़ोसी है, बल्कि भारत की पड़ोसी पहले नीति का एक प्रमुख स्तंभ भी है। बिरला ने संसद भवन में मालदीव के प्रतिनिधिमंल के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान यह टिप्पणी की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पीपुल्स मजलिस (मालदीव की संसद) के अध्यक्ष अब्दुल रहीम अब्दुल्ला कर रहे थे।
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बिरला ने भारत की संसद में हुए डिजिटल बदलावों के बारे में जानकारी दी और कहा कि अब संसद 15 अलग-अलग भाषाणों में अनुवाद की सेवाएं प्रदान करती है, जिसे जल्द ही 22 भाषाओं तक बढ़ाया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि भारतीय संसद ने डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके कार्यकुशलता में सुधार किया है। उन्होंने बताया कि अब संसद 15 अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में एक साथ अनुवाद की सेवा देती है और जल्द ही इसे 22 भाषाओं तक बढ़ाया जाएगा।
इस दौरान बिरला ने संसदीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) के योगदान का भी जिक्र किया, जो संसद की कार्यवाही और प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षण प्रदान करता है। लोकसभा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि मालदीव के प्रतिनिधिमंडल का यह यात्रा भारत और मालदीव के संसदीय संस्थानों के बीच सहयोग के नए रास्ते खोलेगी।
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वहीं, मालदीव की संसद के अध्यक्ष ने भारतीय संसद में तकनीकी, डिजिटलीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की सराहना की और मालदीव के संसदीय संस्थानों के डिजिटलीकरण में मदद देने की अपील की। बिरला ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस संबंध में हरसंभव मदद दी जाएगी।