पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की कमी और सड़कों की बदहाली के कारण एक मौत हो गई। लेकिन नेता गलती मानने की जगह दोषारोपण में उलझ कर रह गए हैं। दरअसल, यहां अस्पताल जाते वक्त एक युवती की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क इतनी खराब हो गई है कि वहां कोई एंबुलेंस ही नहीं जा पाती इसलिए उसे चारपाई से अस्पताल ले जाया जा रहा था। घटना बंगाल के मालदा जिले की है।
राज्य सरकार ही लगा रही है आरोप
मामले में अब राजनीति शुरू हो गई है। पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि घटना जहां की है, वह लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र भाजपा के पास है। भाजपा ने ही क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विकास नहीं किया है। घोष ने ट्वीट कर कहा कि मालदा की युवती की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है। खराब सड़कों के लिए कौन जिम्मेदार है। बता दें, यह राज्य की पहली घटना नहीं है। कुछ महीने पहले ही जलपाईगुड़ी और कालियागंज से भी ऐसी ही घटना सामने आई थी।
भाजपा ने साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि बनर्जी तो हमेशा विदेश यात्रा पर ही रहते हैं। लेकिन बंगाल के लोग न्यूनतम स्वास्थ्य सेवाओं के कारण अपने प्रियजनों को खो रहे हैं। यह समय है, जब राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री सार्वजनिक रूप से अपनी विफलताओं को स्वीकार करें।
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, मालदा जिले के मालदंगा गांव की रहने वाली मामुनी रॉय (25) कई दिनों से बीमार थी। मृतका के पति कार्तिक रॉय ने बताया किया कि शुक्रवार को मोमनी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसलिए उसे लगभग साढ़े चार किलोमीटर दूर स्थित मोदीपुकुर ग्रामीण अस्पताल ले जाना था। हमारे इलाके का रास्ता इतना खराब है कि यहां कोई एंबुलेंस आ ही नहीं पाती। इसलिए उसे चारपाई पर लिटाकर अस्पताल ले जा रहे थे। अस्पताल जाते वक्त रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।