मलयालम की साहित्य मैगज़ीन 'इनू' को लिम्का बूक रिकोर्ड में शामिल किया गया है। इस साहित्यक मैगज़ीन को इस साल 34 वर्ष पूरे होने वाले है। इनू एक मलयालम अंतर्देशीय मैगज़ीन है। यह मलयालम साहित्य मैगज़ीन पूरे राज्य में 1981 से पढ़ी जाती है। इस मैगज़ीन को प्रसिद्ध लेखक मणमुबोरा राजन बाबू ने शूरू किया था।
राजन बाबू के पास अपने पैतृकी गांव मनमबोरा में 'संगम' नामक पांडुलिपि मैगज़ीन तैयार करने और प्रसारित करने में उनके पांच वर्ष का अनुभव था। इसके बाद उन्होंने 1960-70 के दशक में इस मैगज़ीनको अंतर्देशीय मैगज़ीन को दौर पर फिर से प्रसारित किया। जिसका नाम 1981 में बदलकर इनू रखा गया। मैगज़ीन के संपादक राजन बाबू का कहना है कि इनू के पाठक न केवल ऑस्ट्रेलिया में बल्कि इंग्लैंड, अमेरिका और गल्फ देशों में भी हैं।
इस मैगज़ीन ने एक हफ्ते में 425 विषय प्रकाशित किये। मैगज़ीन के सब्स्क्रिप्शन मूल्य की बात करें तो मैगजिन का सब्स्क्रिप्शन केवल 50 रुपये है। साथ ही जिस किसी को मैगजीन सब्स्क्रिाइप करनी हो उसको पैसे भेजे की भी जरूरत नहीं है। 50 रुपये की पोस्ट स्पटेंप के जरिये इनू मैगज़ीन, मलयालम 676505 पर भेज सकते हैं, और प्राप्त कर सकता है।