‘मलाला फंड’ ने बुधवार को कहा कि उसने तत्काल प्रभाव से ‘सखी’ और ‘नारी गुंजन’ नाम के दो संगठनों के अनुदान को निलंबित कर दिया है। यह कदम ‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज’ (टीआईएसएस) की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में इनके नाम आने के बाद उठाया गया है।
बता दें कि ‘टीआईएसएस’ ने एक सोशल ऑडिट किया था। इसमें पाया गया कि बिहार के लगभग सभी शेल्टर होम्स में बड़े पैमाने पर यौन शोषण की घटनाएं हो रही हैं। ‘मलाला फंड’ के प्रमुख संचार अधिकारी टेलर रॉयल ने बताया कि बिहार सरकार को दी ‘टीआईएसएस’ की रिपोर्ट में बाल यौन शोषण के आरोपों के बारे में पढ़ने के बाद ‘मलाला फंड’ ने आगे की जांच पूरी होने तक ‘सखी’ और ‘नारी गुंजन’ को दिए जाने वाले अनुदान को निलंबित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि ‘मलाल फंड’ की बाल संरक्षण योजना, बच्चों को दी जाने वाली यातना एवं शोषण को प्रतिबंधित करती है। सरकार ने ‘टीआईएसएस’ से वर्ष 2017 में आश्रय गृहों की ऑडिट कराया था। इसकी रिपोर्ट इस वर्ष अप्रैल में राज्य के समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई थी।