कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी के आयकर का दोबारा आकलन का फैसला पूरी तरह गलत और बुरी नीयत से प्रेरित था। इस मामले में सोनिया के वकील पी. चिदंबरम ने हाईकोर्ट को बताया कि आयकर विभाग ने दोबारा आकलन का नोटिस 31 मार्च की रात 11:30 बजे ई मेल से दिया, ताकि वह अपनी बात न कह सकें। इसके साथ ही अदालत ने फिर से मामले की मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी यंग इंडियन के संदर्भ में उनके आयकर के दोबारा आकलन के नोटिस को 8 अगस्त को चुनौती दे चुके हैं। अब सोनिया व ऑस्कर फर्नांडिस ने याचिका दायर की है। तीनों याचिकाओं पर अब बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
जस्टिस एस. रविंद्र भट व जस्टिस एके चावला की खंडपीठ के समक्ष वरिष्ठ वकील चिदंबरम ने कहा कि यंग इंडियन ने 50 लाख रुपये में एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के शेयर खरीद लिये थे। साथ ही उसके 90 करोड़ के कर्ज की देनदारी भी स्वीकार की थी। इस लेनदेन से सोनिया गांधी को कोई लाभ नही हुआ था, क्योंकि वह कंपनी में केवल एक शेयर धारक हैं।
कोर्ट ने चिदंबरम की दलीलें सुनने के बाद जब नोटिस जारी करने की बात कही तो एएसजी तुषार मेहता ने कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वह सुनवाई में मौजूद थे। वह इन दलीलों का जवाब देंगे और कोर्ट को केस का पूरा रिकॉर्ड मुहैया करवा देंगे। कोर्ट ने इसके बाद सुनवाई के लिये 16 अगस्त की तारीख तय कर दी।